दाऊद के करीबी इकबाल मिर्ची की 700 करोड़ की संपत्ति ED ने अटैच की

The CSR Journal Magazine
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंबई में दाऊद के करीबी रहे इकबाल मिर्ची परिवार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून (FEOA) के तहत 700.27 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की गई हैं। इनमें मुंबई की 497 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी और दुबई की 203 करोड़ रुपए की संपत्ति शामिल हैं। यह कार्रवाई मुंबई जोनल ऑफिस द्वारा की गई है। हालांकि, इकबाल मिर्ची की मृत्यु 2013 में हो चुकी थी।

कीमती संपत्तियों की सूची: Mumbai की प्रमुख लोकेशन्स चिह्नित

अटैच की गई संपत्तियों में मुंबई के वर्ली इलाके की तीन महत्वपूर्ण प्रॉपर्टीज शामिल हैं — राबिया मेंशन, मरियम लॉज और सी व्यू। इनकी कुल कीमत करीब 497 करोड़ रुपए बताई जा रही है। दुबई में मौजूद 203.27 करोड़ रुपए की संपत्तियों को भी ईडी ने अपने नियंत्रण में लिया है। यह कार्रवाई ड्रग्स और अंडरवर्ल्ड से जुड़े मामलों की जांच के आधार पर की गई है।

जांच का आधार: पुराने आपराधिक मामले

ईडी की जांच कई पुराने मामलों पर आधारित है, जिनमें भायखला पुलिस स्टेशन, एंटी नारकोटिक्स सेल और डीसीबी-सीआईडी द्वारा दर्ज केस शामिल हैं। इन मामलों में इकबाल मिर्ची पर IPC, आर्म्स एक्ट, टाडा और एनडीपीएस एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगे थे। जांच में यह भी पता चला कि इकबाल मिर्ची ड्रग्स तस्करी, उगाही, अवैध हथियारों के कारोबार और संगठित अपराध से जुड़े हुए थे।

अवैध संपत्तियों का सफेदकरण: जांच में नए खुलासे

जांच में यह भी सामने आया कि इकबाल मिर्ची ने अवैध पैसों का इस्तेमाल भारत और विदेशों में संपत्तियां खरीदने के लिए किया था। कई संपत्तियां परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों के नाम पर खरीदी गई थीं। वर्ली की संपत्तियाँ मूल रूप से सर मोहम्मद यूसुफ ट्रस्ट की थीं। इन्हें 1986 में M/s Rockside Enterprises के जरिए केवल 6.50 लाख रुपए में खरीदा गया था। हालांकि, असली नियंत्रण मिर्ची और उसके परिवार के पास था।

भ्रष्टाचार का पर्दाफाश: ट्रस्ट की मिलीभगत

ईडी के अनुसार, ट्रस्ट ने इकबाल मिर्ची के साथ मिलकर गलत जानकारी दी और महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया, ताकि पहले की अटैचमेंट कार्रवाई से संपत्तियों को छुड़ाया जा सके। जांच में यह भी पाया गया कि दुबई में होटल मिडवेस्ट अपार्टमेंट और DEC टावर में कई रियल एस्टेट यूनिट्स खरीदी गई हैं। ये संपत्तियां आसिफ इकबाल मेमन और उसके परिवार के नाम पर बताई गई हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप: ईडी की चार्जशीट

ईडी ने इस मामले में पीएमएलए कोर्ट, मुंबई में चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। आरोपियों में Asif Iqbal Memon, Junaid Iqbal Memon और Hajra Iqbal Memon शामिल हैं। मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत ने 26 फरवरी 2021 को उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। फिलहाल, ईडी की जांच अभी भी जारी है।

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