E20 जनता पार्टी और आरक्षण हटाओ आंदोलन: क्या सरकार के खिलाफ बड़े प्रदर्शन होंगे?

The CSR Journal Magazine
हाल के दिनों में NEET पेपर लीक विवाद ने देश में कई नए डिजिटल मूवमेंट्स को जन्म दिया है, जिनमें E20 जनता पार्टी, आरक्षण हटाओ आंदोलन (RHA) और रिजर्वेशन रिमूवल संघ (RSS) शामिल हैं। इनसे जुड़े कई युवा सक्रिय हो चुके हैं और अब ये ऑनलाइन समर्थन को जमीनी स्तर पर लाने की योजना बना रहे हैं।

उभरता हुआ E20 जनता पार्टी आंदोलन

E20 जनता पार्टी, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तर्ज पर, एक सिटिजन मूवमेंट के रूप में उभरा है। इस ग्रुप के फाउंडर्स के नाम अभी तक अनजान हैं, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसकी उपस्थिति तेजी से बढ़ रही है। X (ट्विटर) पर इसकी शुरूआत 25 जुलाई को हुई थी, और महज दो दिनों में इसके फॉलोअर्स की संख्या 52,500 तक पहुंच गई। इंस्टाग्राम पर भी ये संख्या 3.15 लाख को पार कर चुकी है।

E20 पॉलिसी पर सवाल उठाते हुए

इस आंदोलन का मुख्य निशाना केंद्र सरकार की E20 (20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल) पॉलिसी है। ग्रुप का कहना है कि इसके पीछे पारदर्शिता की कमी है और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है। आंदोलनकारियों का तर्क है कि E0 (100% शुद्ध पेट्रोल) की कीमत में भारी अंतर है, जो महज ₹102.12 प्रति लीटर E20 के मुकाबले ₹167 प्रति लीटर है।

सड़क पर उतरेगा डिजिटल समर्थन

इस आंदोलन को अब जमीनी समर्थन भी मिल गया है। ‘दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन’ ने 4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान किया है। इस मार्च के दौरान E20 पेट्रोल के नुकसानों के साथ-साथ कमर्शियल वाहनों के लिए GPS ट्रैकिंग और पैनिक बटन की अनिवार्यता का भी विरोध किया जाएगा।

आरक्षण हटाओ आंदोलन (RHA) की नई लहर

दूसरी ओर, रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन (RHA) भी तेजी से बढ़ रहा है और इसमें लगभग 46 लाख फॉलोअर्स शामिल हो चुके हैं। यह पूरी तरह से एक सोशल मीडिया कैंपेन है, जिसमें सामान्य वर्ग और कुछ OBC समुदायों के युवा शामिल हैं। RHA की मुख्य मांग जाति आधारित आरक्षण को खत्म करना है।

आर्थिक सहायता की वकालत

हालांकि RHA का मानना है कि आरक्षण पूरी तरह से गलत है, लेकिन इसका स्वरूप बदलने की भी वकालत की जा रही है। समूह का कहना है कि सरकार को आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) नागरिकों को वित्तीय सहायता देनी चाहिए, न कि जाति के आधार पर।

रिजर्वेशन रिमूवल संघ (RSS) का उदय

एक और पेज, रिजर्वेशन रिमूवल संघ (RSS), भी तेजी से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है, हालांकि इसके फॉलोअर्स की संख्या अभी 1,700 से अधिक है। यह भी मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में बड़े बदलावों की मांग कर रहा है।

भविष्य की संभावना

इन सोशल मीडिया कैंपेन का भविष्य क्या होगा, यह आगामी 4 अगस्त के संसद मार्च और इनकी सड़कों पर होने वाले प्रदर्शनों पर निर्भर करेगा। क्या ये डिजिटल गतिविधियां बड़े देशव्यापी आंदोलन का रूप लेंगी या सिर्फ ऑनलाइन स्पेस तक सीमित रह जाएँगी।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos