दुनिया में गैस की किल्लत, मगर क्यों नहीं भरवा रहे भारतीय सिलेंडर?

The CSR Journal Magazine
हाल के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग में भारी गिरावट आई है। पिछले छह महीनों में लगभग 5.39 करोड़ बुकिंग कम हुई है। संसद में पेश किए गए आंकड़ों से पता चला है कि जनवरी 2026 में कुल 18.19 करोड़ बुकिंग के मुकाबले जून तक यह आंकड़ा घटकर 12.80 करोड़ पर आ गया है। यह गिरावट लगभग 30% दर्ज की गई है।

दुनिया भर में गैस संकट

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण LPG की वैश्विक आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। भारत अपनी 60% से अधिक LPG की जरूरत आयात से पूरी करता है, जिसमें अधिकांश हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से आता है। इस स्थिति ने भारतीय बाजार में गैस की उपलब्धता को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

जनवरी से जून की बुकिंग की चाल

इस गिरावट के दौरान, जनवरी में बुकिंग 18.19 करोड़ थी, जो कि फरवरी में 16.65 करोड़, मार्च में 18 करोड़, लेकिन अप्रैल में यह घटकर 13.24 करोड़ और फिर मई में 12.98 करोड़ पहुंच गई। जून में यह और भी घटकर 12.80 करोड़ हो गई।

उज्ज्वला योजना पर असर

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की बुकिंग भी प्रभावित हुई है। जून में बुकिंग में जनवरी की तुलना में 1.47 करोड़ कम बुकिंग दर्ज की गई, जो लगभग 34% की कमी दर्शाती है। हालांकि, मई के मुकाबले जून में थोड़ा सुधार देखने को मिला है।

क्या गैस की कीमतें बढ़ने का असर है?

बढ़ती गैस कीमतों के कारण भी लोग कम bookings कर रहे हैं, ऐसा लग सकता है। 1 अप्रैल 2026 को दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹913 थी, जो 1 जुलाई तक बढ़कर ₹942 हो गई। इसी के चलते उपभोक्ताओं के लिए इसकी भरवाई कम होना एक बड़ा कारण हो सकता है।

परंपरागत ईंधनों की वापसी

गांवों में लोग अब लकड़ी और गोबर के उपलों जैसी पारंपरिक तकनीकों पर लौट रहे हैं। इसके अलावा, शहरों में इंडक्शन कुकिंग, पाइप्ड नैचुरल गैस और इलेक्ट्रिक कुकिंग का उपयोग बढ़ा है। इस प्रकार के बदलाव भी LPG बुकिंग में गिरावट का कारण बन रहे हैं।

लाभार्थियों की आर्थिक स्थिति

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को लेकर कहा जा रहा है कि वे अपनी आजीविका मुश्किल से चला पा रहे हैं, इसलिए सिलेंडर की बुकिंग करना उनके लिए कठिन हो रहा है। इस कारण से वे पारंपरिक साधनों का उपयोग करके खाना बना रहे हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

भारत सरकार ने अभी तक LPG की कमी के लिए संभावित विश्लेषण पेश नहीं किया है। सरकार का कहना है कि भारतीय उपभोक्ताओं के लिए गैस की कीमतें कई देशों की तुलना में सस्ती हैं। इसके साथ ही, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा प्रति सिलेंडर लगभग ₹700 का भार सहन किया जा रहा है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos