Dharavi Redevelopment Project को मिली रफ्तार, शाहूनगर के निवासियों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू

The CSR Journal Magazine
मुंबई के बहुचर्चित Dharavi Redevelopment Project को अब जमीनी स्तर पर नई गति मिलती दिखाई दे रही है। मुंबई बीएमसी (Mumbai BMC) ने धारावी के शाहूनगर इलाके के निवासियों को पुनर्वास प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही लंबे समय से चर्चा में रहा यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब क्रियान्वयन के अगले चरण में प्रवेश कर गया है।

शाहूनगर से शुरू हुई पुनर्वास की कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, शाहूनगर के निवासियों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है ताकि इलाके में पुनर्विकास का काम तेजी से आगे बढ़ सके। सरकार का उद्देश्य आधुनिक सुविधाओं से लैस नए आवास तैयार करना है, जिससे यहां रहने वाले लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके। धारावी पुनर्विकास परियोजना को देश की सबसे बड़ी शहरी पुनर्विकास योजनाओं में से एक माना जाता है। वर्षों से लंबित यह प्रोजेक्ट अब निर्माण चरण में पहुंच चुका है और प्रशासन का दावा है कि आने वाले वर्षों में इसका असर पूरे मुंबई के शहरी ढांचे पर दिखाई देगा।

2028 तक 10 हजार घरों का लक्ष्य

परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सरकार वर्ष 2028 तक लगभग 10 हजार पुनर्वास आवास उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए सर्वेक्षण, दस्तावेज सत्यापन और पुनर्वास की विभिन्न प्रक्रियाओं को तेज किया गया है। धारावी के हजारों परिवारों की पात्रता तय करने का काम भी लगातार जारी है। Dharavi Project, Mumbai Redevelopment, Affordable Housing और Slum Rehabilitation जैसे मुद्दे इस समय महाराष्ट्र की शहरी विकास नीति के केंद्र में हैं। सरकार का दावा है कि नए घर पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक होंगे।

विवादों और विरोध के बीच आगे बढ़ रहा प्रोजेक्ट

हालांकि परियोजना को लेकर कई बार विरोध भी देखने को मिला है। कुछ स्थानीय समूहों और निवासियों ने पुनर्वास की शर्तों तथा पात्रता मानदंडों पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले पुनर्वास स्थलों को लेकर मुंबई के कुछ इलाकों में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। इसके बावजूद राज्य सरकार और परियोजना प्रबंधन का कहना है कि पुनर्विकास कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। निर्माण कार्य के लिए भूमि खाली कराने और लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की प्रक्रिया लगातार जारी है।

मुंबई के शहरी विकास की बड़ी परीक्षा

धारावी सिर्फ एक बस्ती नहीं बल्कि हजारों छोटे उद्योगों, कारोबारों और लाखों लोगों की आजीविका का केंद्र है। ऐसे में इस परियोजना की सफलता या विफलता मुंबई के भविष्य के शहरी विकास मॉडल को भी प्रभावित करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पुनर्वास और रोजगार के संतुलन को सही तरीके से संभाला गया तो यह परियोजना देश के सबसे बड़े Urban Transformation Model के रूप में सामने आ सकती है।

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