मानसून का रौद्र रूप: एमपी में जलप्रलय से जनजीवन ठप, यूपी में 10 बड़ी नदियां खतरे के निशान के पार

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MP में भारी बारिश, भोपाल में सभी स्कूल बंद: यूपी में नदियां उफान पर, मौसम ने फिर दिखाई अपनी सख्ती 

मध्य प्रदेश में सक्रिय हुए इस मानसूनी सीजन के सबसे मजबूत वेदर सिस्टम के कारण राजधानी भोपाल समेत 11 जिलों में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिसके चलते भोपाल और आगर-मालवा के सभी सरकारी व निजी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। लगातार जारी भारी वर्षा के कारण उत्तर प्रदेश में भी गंगा, यमुना और घाघरा समेत 10 प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने दोनों राज्यों में अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी जारी की है।

मानसून का रौद्र रूप: मध्य प्रदेश में जलप्रलय, उत्तर प्रदेश की नदियां उफान पर

राजधानी भोपाल में पिछले 24 घंटों के भीतर लगभग 7 इंच (176 मिमी) मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर भोपाल और आगर-मालवा जिला प्रशासन ने नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की। यूपी की गंगा, यमुना, शारदा और घाघरा समेत 10 बड़ी नदियां खतरे के निशान के पास या उससे ऊपर बह रही हैं। फर्रुखाबाद के 40 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।

राजधानी भोपाल तालाब में तब्दील, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त

मध्य प्रदेश में मानसून की दूसरी पारी ने बेहद आक्रामक रूप अख्तियार कर लिया है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) और ग्वालियर से होकर गुजर रही मानसूनी ट्रफ के सक्रिय होने के कारण राज्य के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। भोपाल में रविवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला सोमवार और मंगलवार को भी अनवरत जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में महज 24 घंटों में 7 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस भारी डाउनपोर के कारण शहर के वीआईपी रोड, भानपुर की गीता नगर कॉलोनी, अशोक गार्डन के पास सेमरा और पुराने भोपाल के निचले इलाकों में सड़कें समुद्र जैसी नजर आने लगी हैं।

घरों मे पहुंचा पानी

सेमरा में पात्रा नाला के उफान पर आने से करीब 250 से अधिक घरों में 5 फीट तक पानी भर गया है। स्थिति इतनी विकट है कि जलजमाव के चलते कई इलाकों में खड़ी गाड़ियां आधी से ज्यादा डूब गईं और लोगों के घरों में जहरीले सांप और अन्य जीव घुसने की खबरें सामने आ रही हैं। वीआईपी रोड पर एक विशाल पेड़ गिरने के कारण घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा, जिसे हटाने में नगर निगम की टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

स्कूलों में ऐन वक्त पर छुट्टी से बढ़ी परेशानी

बढ़ते जलभराव और मौसम विभाग के भारी बारिश के रेड/ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए भोपाल के कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने आनन-फानन में नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सभी शासकीय, अशासकीय, CBSC और ICSE स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया। हालांकि, प्रशासन का यह आदेश सोमवार को उस समय आया जब कई छात्र भारी बारिश के बीच संघर्ष करते हुए स्कूल पहुंच चुके थे। इसके बाद स्कूलों ने बच्चों को वापस घर भेजा। मंगलवार को भी स्थिति जस की तस बनी रहने के कारण अवकाश को बढ़ा दिया गया। आगर-मालवा जिले में भी कलेक्टर शेर सिंह मीणा के आदेश पर सभी स्कूलों को बंद रखा गया, हालांकि शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक स्टाफ को प्रशासनिक दायित्वों के लिए उपस्थित रहने को कहा गया है।

विदिशा में रेस्क्यू ऑपरेशन और राजगढ़ का दर्दनाक हादसा

भारी बारिश का यह कहर केवल भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आसपास के जिलों में स्थिति और भी भयावह हो गई है।मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां मूसलाधार बारिश के चलते एक ग्रामीण नाला उफान पर था। एक चालक ने लापरवाही बरतते हुए अपनी इको वैन को नाले के रपटे पर उतार दिया। पानी का बहाव इतना तेज था कि गाड़ी अनियंत्रित होकर नाले में बह गई। इस दर्दनाक हादसे में तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत कुल 9 लोगों की डूबने से मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों की मदद से शवों को बाहर निकाला गया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

विदिशा और सीहोर में बाढ़ के हालात

विदिशा जिले में बेतवा नदी का जलस्तर अचानक 10 से 12 फीट तक बढ़ गया है, जिससे नदी किनारे स्थित प्रसिद्ध चरण तीर्थ मंदिर और कई घाट पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ के बीच फंसे 17 लोगों, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे, को SDRF की टीम ने मोटर बोट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। इसी तरह सीहोर जिले के भीलाखेड़ी नदी के पास बाढ़ के पानी में एक ही परिवार के 10 लोग फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू किया। सीहोर में महज 5 घंटे के भीतर 8.3 इंच बारिश दर्ज की गई है। रायसेन जिले में सांची रोड स्थित पगनेश्वर पुल और भोपाल रोड पर जाखा बेतवा नदी का छोटा पुल पानी में डूब जाने के कारण भोपाल-बैरसिया और रायसेन का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

उत्तर प्रदेश: नदियां उफान पर, कई जिलों में बाढ़ का हाई अलर्ट

मध्य प्रदेश से सटे उत्तर प्रदेश में भी मानसून के सक्रिय होने से हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। सोमवार और मंगलवार को लखनऊ, नोएडा, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत राज्य के 30 से अधिक शहरों में लगातार भारी बारिश दर्ज की गई है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण उत्तर प्रदेश की गंगा, यमुना, घाघरा, शारदा, राप्ती और सरयू समेत 10 प्रमुख नदियां उफान पर हैं। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, शारदा और घाघरा नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में गंगराव नदी में अचानक आए सैलाब (फ्लैश फ्लड) के कारण नदी पर बना एक संपर्क पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है।

फर्रुखाबाद में डूबे गांव, प्रयागराज में गंगा का तांडव

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर बढ़ने से लगभग 40 गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं और ग्रामीण ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। वहीं, प्रयागराज और वाराणसी के तटीय इलाकों में भी गंगा का पानी तेजी से रिहायशी बस्तियों की तरफ बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के कुछ तटीय इलाकों में गंगा के कटान के कारण लगभग 25 से अधिक मकान नदी में समा गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे चौबीसों घंटे नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) को सक्रिय रखें और नदी के किनारे रहने वाले परिवारों को तुरंत राहत शिविरों में स्थानांतरित करें।

देश के अन्य राज्यों का हाल: राजस्थान और बिहार में भी अलर्ट

मौसम का यह मिजाज केवल दो राज्यों तक सीमित नहीं है। मध्य प्रदेश से सटे राजस्थान के झालावाड़, कोटा और बूंदी जिलों में भी मानसूनी बारिश ने कहर बरपाया है। झालावाड़ में सबसे ज्यादा 12 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद कालीसिंध नदी और कोटा के नोनेरा ऐबरा बांध के गेट खोलकर लाखों क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा। बूंदी में सड़कों पर खड़ी कारें पानी के तेज बहाव में बहती नजर आईं। दूसरी ओर, बिहार में भी मानसून पूरी तरह एक्टिव है। खगड़िया के दियरा क्षेत्र में बाढ़ का पानी फैलने के कारण लोग अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों और राष्ट्रीय राजमार्गों की तरफ पलायन कर रहे हैं। मौसम विभाग ने बिहार के 12 जिलों में भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

मौसम विभाग की चेतावनी: अगले 4 दिन बेहद महत्वपूर्ण

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के ऊपर एक अत्यंत मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवातीय परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) विकसित हो रहा है, जो अगले 24 से 48 घंटों में यानी 12 अगस्त के आसपास एक और नए कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) में तब्दील हो जाएगा।

आगामी चेतावनी:अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मध्य प्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, और मुरैना में अगले 24 घंटों में 8 इंच तक भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों, रपटों और जलभराव वाले पुलों को पार करने की कोशिश न करें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में स्थानीय आपदा प्रबंधन टीम या हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करें। दोनों राज्यों की सरकारें और आपदा प्रबंधन बल स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, ताकि जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

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