राम नाम की लूट: कैमरे की ओट में उड़ाते थे श्रद्धालुओं का दान, ऐसे खुला अनुकल्प मिश्रा के सिंडिकेट का राज

The CSR Journal Magazine

फार्महाउस, स्कॉर्पियो और 65 लाख का घर- कौन है अनुकल्प मिश्रा, जिसपर है राम मंदिर चढ़ावे में घपला करने का आरोप

राम मंदिर चढ़ावे के विवाद में अनुकल्प मिश्रा का नाम तेजी से सामने आ रहा है। जांच एजेंसियां इस मामले में सक्रियता से काम कर रही हैं। अनुकल्प पर आरोप है कि उसने भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान में से पैसे चुराने की योजना बनाई थी। इस संदर्भ में उनकी संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की गहनता से जांच की जा रही है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: नया मोड़

अनुकल्प मिश्रा अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे (दान राशि) में हेराफेरी और चोरी करने वाले गिरोह का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड है। वह बैंक की एक आउटसोर्सिंग एजेंसी का कर्मचारी था, जिसे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान पेटियों से निकलने वाली नकदी की गिनती और प्रबंधन करने वाली टीम में तैनात किया गया था। SIT जांच और ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर जून 2026 में अयोध्या पुलिस ने अनुकल्प मिश्रा और उसके साले लवकुश मिश्रा समेत 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

अनुकल्प मिश्रा की जीवनशैली

अनुकल्प मिश्रा एक ऐसा व्यक्ति है जिसके पास एक शानदार फार्महाउस, महंगी स्कॉर्पियो SUV और 65 लाख रुपये का घर है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये सभी सम्पत्तियां उसके श्रोतों से मेल खाती हैं? जांचकर्ताओं का मानना है कि अनुकल्प ने धन को अपनी व्यक्तिगत जीवनशैली को बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया।

14,500 रुपये की सैलरी और आलीशान जिंदगी

अनुकल्प मिश्रा की आधिकारिक सैलरी सिर्फ 14,500 रुपये प्रति महीना थी। इतनी कम सैलरी के बावजूद उसने अयोध्या के पॉश इलाके कौशलपुरी में करीब 40 से 65 लाख रुपये मूल्य का एक आलीशान मकान खरीदा। जांच के दौरान पुलिस जब उसके पैतृक गांव ‘बसावा’ (मिल्कीपुर, अयोध्या) पहुंची, तो पता चला कि उसने गांव के बाहरी इलाके में एक नया फार्महाउस भी खड़ा कर लिया है। पड़ोसियों और जांचकर्ताओं के अनुसार, वह जल्द ही एक नई महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी भी बुक करने की प्रक्रिया में था।

कैसे की जाती थी मंदिर के चंदे की चोरी?

पुलिस और CCTV फुटेज के जरिए इस गिरोह की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) का खुलासा हुआ। अनुकल्प मिश्रा ने बैंक की आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए अपने सगे साले लवकुश मिश्रा को भी कैश काउंटिंग (पैसे गिनने वाली) टीम में शामिल करवा दिया था। पैसे गिनते समय ये आरोपी मुख्य सीसीटीवी कैमरों के सामने जानबूझकर बाधा (रुकावट) खड़ी करते थे और नोटों की गड्डियों से 500-500 के नोट निकालकर अपने कपड़ों में छिपा लेते थे। बैंक में पैसे जमा करते समय कागजी हेरफेर करने के लिए ये लोग वाउचर बनाते समय एक्स्ट्रा नोटों की गड्डियां डाल देते थे, जिन्हें बाद में बैंक ट्रांसफर के वक्त चुपके से निकाल लिया जाता था।

जांच में अब तक क्या मिला?

ट्रस्ट अधिकारियों को मई 2026 के आखिरी हफ्ते में दान राशि में बार-बार आ रही कमी के चलते शक हुआ था, जिसके बाद वहां गुप्त कैमरे लगाए गए। इस मामले में अब तक की छापेमारी में पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों (जैसे टिन्नू यादव) के ठिकानों से लाखों रुपये कैश बरामद कर चुकी है। SIT और स्थानीय पुलिस अब अनुकल्प मिश्रा की अन्य बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों को खंगाल रही है। हालांकि, अनुकल्प के परिवार और उसकी बहन ने इन आरोपों को गलत और झूठा बताया है।

पुलिस की कार्रवाई तेज

पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाइयों को आगे बढ़ाया है। अनुकल्प की संपत्तियों पर नजर रखी जा रही है और जांचकर्ताओं का एक दल उसकी बैंकिंग गतिविधियों का भी अध्ययन कर रहा है। यह सब कुछ तब हो रहा है जब राम मंदिर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि भक्तों के चढ़ावे का सही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

साजिश के तार

जांचकर्ताओं ने पाया है कि अनुकल्प मिश्रा अकेला नहीं था; उसके साथ कुछ अन्य लोग भी थे जो इस जघन्य कार्य में शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, यह एक स्थापित साजिश थी जिसमें कई लोग मिलकर काम कर रहे थे। ऐसी संभावना है कि अनुकल्प की पहचान उन लोगों से जुड़ी हो सकती है जिन्होंने इस चढ़ावे के पैसे को नष्ट करने का प्रयास किया।

युवाओं में असंतोष

इस मुद्दे ने युवा समाज में असंतोष पैदा कर दिया है। कई भक्त सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का घपला न कर सके। प्रशासन के प्रति लोगों की आशाएं बढ़ी हैं कि सच सामने लाने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।

भविष्य की रणनीति

जांच अधिकारियों ने यह तय किया है कि जल्द से जल्द मामले में जंजीर को खींचा जाएगा। इसके अंतर्गत अनुकल्प और उसके सहयोगियों को गिरफ्तारी का सामना करना पड़ सकता है। यह सब उस स्थिति में हो रहा है जब राम मंदिर ट्रस्ट अपने दान से मिलने वाले धन के सही उपयोग को सुनिश्चित करने में जुटा है।

गंभीर आरोपों का असर

अनुकल्प मिश्रा पर लगे गंभीर आरोपों का असर न सिर्फ उसके व्यक्तिगत जीवन पर पड़ेगा, बल्कि समाज में भी इसकी गूंज सुनाई देगी। ध्यान देने वाली बात ये है कि भक्तों का विश्वास इस घपले के कारण टूट सकता है, जिससे भविष्य में दान देने के कार्य में कमी आ सकती है।

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