अखिलेश यादव के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, सौतेले भाई प्रतीक यादव की रहस्यमयी मौत से मचा हड़कंप

The CSR Journal Magazine
समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav के परिवार से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। उनके सौतेले भाई Prateek Yadav का संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया। मंगलवार सुबह उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक जगत तक शोक की लहर दौड़ गई है।

घर में सो रहे थे, अचानक बिगड़ी तबीयत

परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव रात में अपने घर पर सो रहे थे। सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि जब उन्हें अस्पताल लाया गया तब उनकी पत्नी और भाजपा नेता Aparna Yadav साथ मौजूद नहीं थीं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

फिलहाल मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस मामले को गंभीरता से जांच रही है। सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे मामला और भी रहस्यमयी बन गया है। शव का पंचनामा करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए केजीएमयू भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।

राजनीति से दूरी, बिजनेस और फिटनेस में बनाई पहचान

Prateek Yadav देश के चर्चित राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते थे, लेकिन उन्होंने राजनीति से दूरी बनाए रखी। वह समाजवादी पार्टी संस्थापक Mulayam Singh Yadav और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। प्रतीक ने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने बिजनेस और फिटनेस सेक्टर में अपना करियर बनाया। लखनऊ में वह ‘द फिटनेस प्लानेट’ नाम से जिम चलाते थे, जो शहर के चर्चित फिटनेस सेंटरों में गिना जाता है। इसके अलावा वह रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़े हुए थे।

अपर्णा यादव से शादी के बाद बढ़ी पहचान

प्रतीक यादव की पत्नी Aparna Yadav राजनीति में काफी सक्रिय हैं और भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हुई हैं। अपर्णा अक्सर अपने बयानों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहती हैं। वहीं प्रतीक लो-प्रोफाइल जिंदगी पसंद करते थे और सार्वजनिक राजनीतिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखते थे।

अखिलेश और प्रतीक के रिश्ते की होती थी चर्चा

बताया जाता है कि Akhilesh Yadav और उनके छोटे भाई प्रतीक यादव के बीच काफी अच्छा रिश्ता था। राजनीतिक मतभेदों और अलग जीवनशैली के बावजूद दोनों भाइयों के बीच पारिवारिक जुड़ाव मजबूत माना जाता था। प्रतीक के निधन की खबर से यादव परिवार गहरे सदमे में है।

परिवार की ओर से अब तक नहीं आया आधिकारिक बयान

हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि आखिर 38 वर्षीय प्रतीक यादव की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल पूरे प्रदेश की नजर इस रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

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