नासिक 4.3 तीव्रता के भूकंप के बाद सुबह 3.3 का झटका, सुरगाणा और नानाशी में मकानों को नुकसान की सूचना; प्रशासन ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं
महाराष्ट्र के नासिक जिले में शनिवार देर रात और रविवार तड़के भूकंप के लगातार दो झटकों ने लोगों को दहला दिया। रात के समय आए तेज झटके इतने महसूस किए गए कि कई इलाकों में घरों के भीतर रखे सामान और बर्तन हिलने लगे। घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। जिले के कुछ हिस्सों में मकानों की दीवारों में दरारें आने की सूचना है। हालांकि, अभी तक किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की खबर सामने नहीं आई है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, नासिक में शनिवार रात करीब 10 बजे 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके बाद रविवार सुबह करीब 5 बजकर 33 मिनट पर 3.3 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया। दोनों घटनाओं के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बढ़ा दी है।
रात 10 बजे हिली धरती, सुबह फिर आया झटका
पहला और अपेक्षाकृत तेज झटका शनिवार रात करीब 10 बजे महसूस किया गया। भूकंप के दौरान नासिक शहर के अलावा जिले के कई ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में भी जमीन के हिलने की जानकारी सामने आई। स्थानीय लोगों के अनुसार, झटका कुछ सेकंड तक महसूस हुआ, लेकिन रात का समय होने के कारण लोगों में ज्यादा घबराहट फैल गई। कई लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों पर खड़े रहे। इसके बाद रविवार सुबह करीब 5:33 बजे 3.3 तीव्रता का दूसरा झटका दर्ज किया गया। लगातार दो भूकंपीय घटनाओं के कारण लोगों की चिंता और बढ़ गई।
सुरगाणा से दिंडोरी तक महसूस हुए झटके
भूकंप का असर नासिक जिले के कई हिस्सों में महसूस किया गया। रिपोर्टों के अनुसार सुरगाणा, कलवण, देवला, चांदवड, पेठ, दिंडोरी और निफाड सहित कई तहसीलों में लोगों ने कंपन महसूस किया। सुरगाणा क्षेत्र में झटकों का असर अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस होने की बात सामने आई है। कुछ ग्रामीण इलाकों में लोगों ने घरों की दीवारों में दरारें आने की शिकायत की है। सुरगाणा तहसील के भादर और दिंडोरी तहसील के नानाशी में कुछ मकानों की दीवारों में दरारें आने की सूचना अधिकारियों तक पहुंची है। इन नुकसान की विस्तृत तकनीकी जांच अभी की जा रही है।
मकानों में दरारें, लेकिन बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं
भूकंप के बाद सामने आई सबसे बड़ी चिंता मकानों की सुरक्षा को लेकर है। प्रभावित इलाकों में कुछ पुराने और कच्चे-पक्के मकानों की दीवारों में दरारें दिखाई देने की जानकारी मिली है। हालांकि, उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक अभी तक किसी बड़े भवन के ढहने, किसी व्यक्ति की मौत या गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई है। यह भी महत्वपूर्ण है कि मकानों में दिखाई देने वाली हर दरार को सीधे भूकंप से हुई संरचनात्मक क्षति नहीं माना जा सकता। इसकी वास्तविक स्थिति का पता तकनीकी निरीक्षण के बाद ही चलेगा।
बांधों की भी हुई जांच
भूकंप के झटकों के बाद प्रशासन ने इलाके के बांधों और महत्वपूर्ण संरचनाओं की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बरती। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित बांधों का निरीक्षण किया गया और किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन की यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भूकंप के बाद केवल मकानों ही नहीं, बल्कि बांध, पुल, सड़कें और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक ढांचों की स्थिति की भी जांच की जाती है।
जिलाधिकारी ने लोगों से की अपील
नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करना चाहिए। लोगों को आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर ही विश्वास करने की सलाह दी गई है। प्रशासन प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जहां मकानों में दरारों की शिकायत मिली है, वहां नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
जुलाई से लगातार महसूस हो रही है भूकंपीय हलचल
नासिक में भूकंप की घटनाएं बिल्कुल नई नहीं हैं। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, 25 से 28 जुलाई के बीच भी जिले में भूकंप के झटके दर्ज किए गए थे। इसके अलावा 6 अगस्त को भी कंपन महसूस किए जाने की सूचना सामने आई थी। ऐसे में शनिवार रात और रविवार सुबह आए दो नए झटकों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।हालांकि, लगातार छोटे भूकंप आने का अर्थ यह नहीं होता कि निश्चित रूप से कोई बड़ा भूकंप आने वाला है। भूकंप के संबंध में ऐसी भविष्यवाणी वैज्ञानिक रूप से विश्वसनीय तरीके से नहीं की जा सकती। इसलिए फिलहाल विशेषज्ञों और प्रशासन की सलाह के अनुसार सतर्क रहना ही सबसे उचित कदम है।
नासिक भूकंपीय जोखिम से पूरी तरह बाहर नहीं
नासिक शहर और आसपास के क्षेत्रों को भूकंपीय दृष्टि से पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं माना जाता। महाराष्ट्र फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के नासिक संबंधी जोखिम दस्तावेज में शहर को Seismic Zone III में रखा गया है और पुराने तथा भूकंपरोधी मानकों के अनुरूप नहीं बने भवनों को विशेष चिंता का विषय बताया गया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर भूकंप में बड़े पैमाने पर नुकसान होगा। लेकिन पुराने, कमजोर या पहले से क्षतिग्रस्त मकानों के मामले में छोटे या मध्यम झटकों के दौरान भी सावधानी जरूरी हो जाती है।
विशेषज्ञों की नजर में सबसे जरूरी है भवनों की जांच
भूकंप के बाद दीवारों में दरार दिखाई देने पर लोगों को खुद से यह तय नहीं करना चाहिए कि मकान सुरक्षित है या नहीं। खासकर यदि दरारें कॉलम, बीम, छत, सीढ़ियों या लोड-बेयरिंग दीवारों में दिखाई दें, तो भवन का तकनीकी निरीक्षण कराया जाना चाहिए। दरार केवल प्लास्टर में है या भवन के मुख्य ढांचे में, इसका फैसला प्रशिक्षित इंजीनियर या संबंधित तकनीकी टीम ही बेहतर तरीके से कर सकती है।
क्या करें अगर फिर महसूस हो भूकंप?
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की सामान्य सलाह के अनुसार, भूकंप के दौरान लोगों को घबराकर सीढ़ियों या लिफ्ट की ओर भागने के बजाय जहां संभव हो, ‘Drop, Cover and Hold On’ यानी नीचे झुकें, मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे सुरक्षित स्थान लें और उसे पकड़कर रखें। घर के भीतर रहने की स्थिति में खिड़कियों, शीशों, भारी अलमारियों और ऐसी वस्तुओं से दूर रहना चाहिए जो गिर सकती हैं। झटके रुकने के बाद ही सुरक्षित तरीके से खुले स्थान की ओर जाना चाहिए।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में, लेकिन निगरानी जारी
नासिक में आए 4.3 और 3.3 तीव्रता के झटकों ने लोगों को जरूर डरा दिया है, लेकिन फिलहाल बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। कुछ मकानों में दरारों की सूचना के बाद प्रशासन द्वारा स्थिति का आकलन किया जा रहा है और महत्वपूर्ण ढांचों की भी निगरानी की जा रही है। लगातार भूकंपीय गतिविधियों को देखते हुए आने वाले समय में NCS और स्थानीय प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी। लोगों के लिए सबसे जरूरी संदेश यही है कि अफवाहों से बचें, क्षतिग्रस्त मकानों में बिना जांच के प्रवेश न करें और किसी भी नए झटके की स्थिति में घबराने के बजाय निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन करें।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections.
Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast,
crisp, clean updates!
App Store – https://apps.apple.com/in/app/
Google Play Store –
https://play.google.com/store/

