राजस्थान में सोलर कैमरों से जासूसी का शक अलवर-बीकानेर में सैन्य ठिकानों के पास मिले संदिग्ध डिवाइस, एजेंसियां अलर्ट

The CSR Journal Magazine
राजस्थान के अलवर और बीकानेर सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर सीसीटीवी कैमरों के जरिए कथित जासूसी का मामला सामने आया है। जांच एजेंसियां अलर्ट पर हैं और संदिग्ध नेटवर्क की गहन पड़ताल जारी है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सैन्य इलाकों के पास लगे मिले संदिग्ध कैमरे

राजस्थान के अलवर और बीकानेर में सैन्य छावनियों के आसपास सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का मामला सामने आया है। ये कैमरे ऐसे स्थानों पर लगाए गए थे, जहां से सेना की गतिविधियों और आवाजाही पर नजर रखी जा सकती थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इन कैमरों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की मदद से हटाया गया है। हालांकि सेना या पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है, लेकिन मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।

विदेशी एजेंसियों से जुड़ाव की आशंका

सूत्रों के मुताबिक इन कैमरों से मिलने वाली लाइव फुटेज पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI तक पहुंचाए जाने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इन डिवाइस को विदेशी हैंडलर्स द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था। इनका उद्देश्य भारतीय सेना की गतिविधियों, हथियारों की आवाजाही और संवेदनशील ठिकानों की रियल टाइम निगरानी करना था। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी काम कर रही हैं।

आतंकी नेटवर्क से कनेक्शन की जांच

जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़ा हो सकता है। जानकारी के अनुसार यह नेटवर्क सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर तक फैला हुआ है। कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला, मोगा, अंबाला और कठुआ जैसे शहरों में भी ऐसे कैमरे लगाए जाने की बात सामने आई है। कुल मिलाकर करीब 9 संदिग्ध कैमरे बरामद किए गए हैं।

अलवर से संदिग्ध हिरासत में, नेटवर्क की गहन जांच जारी

सूत्रों के अनुसार अलवर से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि करीब पांच दिन पहले जांच एजेंसियों की टीम यहां पहुंची थी, जिसके बाद कार्रवाई तेज हुई। इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों की पहचान करने और उनके कनेक्शन तलाशने के लिए दिल्ली और पंजाब में भी जांच जारी है। कुछ रिपोर्ट्स में 11 संदिग्धों को डिटेन किए जाने की बात भी सामने आई है, हालांकि इसकी पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं की गई है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

इससे पहले मार्च 2026 में उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां पुलिस ने एक गैंग के सदस्यों को पकड़ा था जो संवेदनशील जानकारी जुटाने में लगे हुए थे। ऐसे मामलों के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

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