Sawan के पहले Somvar पर शिवमय हुआ Uttar Pradesh, लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत को योगी सरकार की व्यापक तैयारी

The CSR Journal Magazine
सावन के पहले सोमवार पर पूरा उत्तर प्रदेश ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंज उठा। प्रदेशभर के शिवालयों में देर रात से ही श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का पहुंचना शुरू हो गया। बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए लाखों श्रद्धालु कतारों में नजर आएंगे। श्रद्धा और आस्था के इस महापर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने सुरक्षा, यातायात, सफाई, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं। वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, बागपत, कानपुर, गोरखपुर, आगरा और संभल समेत कई जिलों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब

सावन के पहले सोमवार को लेकर रविवार रात से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। कानपुर के ऐतिहासिक श्री आनंदेश्वर मंदिर में इस बार तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। वहीं बागपत के प्राचीन श्री परशुरामेश्वर (पुरा महादेव) मंदिर और मेरठ के औघड़नाथ व सिद्धपीठ बाबा बिल्वेश्वरनाथ महादेव मंदिर में भी जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलेंगी। बिल्वेश्वरनाथ मंदिर में मंगला आरती के बाद भगवान शिव का विशेष श्रृंगार कर जलाभिषेक शुरू कराया जाएगा।

काशी विश्वनाथ धाम में विशेष श्रृंगार और पुष्प वर्षा

वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम को सावन के पहले सोमवार के लिए विशेष रूप से सजाया गया है। यहां बाबा विश्वनाथ का ‘श्री शंकर स्वरूप’ में विशेष श्रृंगार किया जाएगा और कांवड़ियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत होगा। वहीं गोरखपुर में मानसरोवर, मुक्तेश्वरनाथ, मुंजेश्वरनाथ, पितेश्वरनाथ और मोटेश्वर महादेव सहित कई प्रमुख शिवालयों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। संभल के लगभग 118 वर्ष पुराने पातालेश्वर शिव मंदिर में भी विशेष तैयारियां की गई हैं। यहां सावन के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इस मंदिर की विशेष पहचान भगवान शिव को झाड़ू चढ़ाने की अनूठी परंपरा है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है।

ड्रोन, जियो फेंसिंग और हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती

सावन के पहले सोमवार पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है। वाराणसी में एंटी ड्रोन सिस्टम और जियो फेंसिंग के साथ पूरे शहर को पांच जोन और 15 सेक्टरों में बांटा गया है। यहां करीब 5,000 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। मेरठ और बागपत के कांवड़ मार्गों पर पीएसी और आरएएफ समेत 500 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जाएगी। कानपुर के आनंदेश्वर मंदिर में इस बार सभी सेवादारों और कर्मचारियों के लिए फोटो पहचान पत्र अनिवार्य किया गया है। संभल में रूट डायवर्जन लागू किया गया है और छह पुलिस चौकियां चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान

योगी सरकार ने कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। प्रमुख मार्गों पर सफाई अभियान चलाया गया है, पेयजल की व्यवस्था की गई है और स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है। कांवड़ मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था

प्रयागराज में बड़ी संख्या में महिला शिवभक्त गंगा-यमुना का पवित्र जल लेकर काशी की ओर रवाना हो रही हैं। उनकी सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों और प्रमुख मार्गों पर महिला पुलिस बल और आपदा सखियों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने महिलाओं के लिए अलग सहायता केंद्र भी बनाए हैं ताकि उन्हें यात्रा के दौरान हर संभव सहयोग मिल सके।

आस्था, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का संगम

सावन का पहला सोमवार केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि प्रशासनिक तैयारियों की भी बड़ी परीक्षा माना जाता है। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा से लेकर यातायात, स्वच्छता और स्वास्थ्य तक हर मोर्चे पर विशेष इंतजाम किए हैं। प्रदेशभर के शिवालयों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है और पूरा उत्तर प्रदेश ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से शिवमय हो गया है।
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