तिरंगा यात्रा में जाने से रोके गए देवेंद्र महतो, पुलिस पर मारपीट का आरोप
देशभर में आज जहां आजादी का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन के बीच एक नया और गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता और प्रमुख छात्र चेहरा देवेंद्र नाथ महतो ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महतो का कहना है कि जब वे स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर छात्रों द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रांची के सदर अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तब वहां मुस्तैद भारी पुलिस बल ने उन्हें बलपूर्वक रोक दिया। इस दौरान हुई तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की में उनके सीने में गंभीर चोट आई है और उनके सहयोगियों के साथ भी मारपीट की गई है।
अस्पताल बना छावनी: एचडीयू वार्ड के बाहर हुआ हंगामा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में सुधार और कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन पिछले 22 दिनों से लगातार जारी है। इसी आंदोलन के तहत 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रशासन ने उन्हें 10 अगस्त को रांची के सदर अस्पताल के हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) में भर्ती कराया था। अस्पताल के बेड से ही शनिवार को उन्होंने आंदोलन स्थल, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकाली जाने वाली भव्य तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई थी। जैसे ही देवेंद्र महतो तिरंगा हाथ में लेकर अस्पताल से बाहर जाने के लिए निकले, वहां पहले से तैनात 50 से अधिक पुलिसकर्मियों ने उनका रास्ता रोक लिया। देखते ही देखते अस्पताल परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में पुलिसकर्मी महतो को जबरन उनके वार्ड के अंदर धकेलते और घसीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।
देवेंद्र नाथ महतो

