IAS-IPS-IRS से लेकर सेना के दिग्गज तक… राम मंदिर CEO की कुर्सी के लिए जबरदस्त मुकाबला!

The CSR Journal Magazine
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद के लिए 5,000 से अधिक आवेदन आए हैं। इसमें आईएएस, आईपीएस और आईआरएस जैसे सेवानिवृत्त नौकरशाह भी शामिल हैं। यह संख्या इस प्रतिष्ठित पद के लिए एक नया रिकॉर्ड है। पिछले तारीख तक, 18 जुलाई को शाम 4 बजे तक आवेदन की अंतिम समय-सीमा थी। अभ्यर्थियों में केवल सरकारी अधिकारियों का ही नहीं, बल्कि भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासनिक एवं प्रबंधन क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स का भी तांता लगा है।

विशेषज्ञ समिति करेगी मूल्यांकन

अब एक तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति इन आवेदनों की जांच करेगी। इस समिति में जस्टिस प्रमोद कोहली (सेवानिवृत्त), लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और श्री साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं। ट्रस्ट इस प्रक्रिया के अनुसार आवेदन पत्रों की स्क्रीनिंग, शॉर्टलिस्टिंग और चयन करेगा। फाइनल चयन प्रक्रिया ट्रस्ट द्वारा तय मानकों पर आधारित होगी।

नए CEO की जिम्मेदारी क्या होगी?

नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति राम मंदिर में दान की कथित चोरी की जांच के बाद की जा रही है। इस नियुक्ति का उद्देश्य वित्तीय निगरानी को सुदृढ़ करना और प्रशासनिक कार्यकुशलता को बढ़ाना है। जो भी नया CEO बनेगा, उसकी जिम्मेदारी होगी कि वह दान के लेन-देन की जांच करके वित्तीय पारदर्शिता को सुनिश्चित करे और मंदिर के दैनिक कार्यों का प्रबंधन करे।

पात्रता मानदंडों पर नजर

पात्रता मानदंडों के अनुसार, सेवानिवृत्त अधिकारी, सेवारत सरकारी कर्मचारी, और योग्य निजी क्षेत्र के पेशेवर भी इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, तीन सदस्यीय समिति आँकड़ों और अनुभव के आधार पर उपयुक्त नामों की शिफारिश करेगी, लेकिन अंतिम निर्णय ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। यह पता चला है कि समिति तीन से अधिक उम्मीदवारों की सिफारिश नहीं करने की आशंका है।

अभ्यर्थियों के सेवा रिकॉर्ड की भी होगी जांच

समिति द्वारा सिर्फ शैक्षणिक योग्यता की ही नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों के सेवा रिकॉर्ड, ईमानदारी, कार्य निष्पादन, और अनुशासनात्मक इतिहास की भी कठोरता से जांच होगी। इसके अतिरिक्त, यह भी देखा जाएगा कि उम्मीदवार धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए संस्थान का सफल संचालन कैसे कर सकता है। यह प्रक्रिया काफी कठिन और विस्तृत होगी।

राम मंदिर ट्रस्ट में सुधार की आवश्यकता

हालांकि, ट्रस्ट में CEO के चयन की यह प्रक्रिया इस बात का संकेत भी है कि ट्रस्ट में सुधार की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। राम मंदिर में धन के लेन-देन को लेकर उठे सवालों के कारण इस नियुक्ति को विशेष महत्त्व दिया जा रहा है। नए CEO का चुनाव ट्रस्ट की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos