राजस्थान की SI भर्ती 2021 रद्द होने से सैकड़ों चयनित अभ्यर्थियों की जिंदगी अचानक पटरी से उतर गई है। जिन युवाओं ने सालों की मेहनत के बाद ट्रेनिंग पूरी कर ड्यूटी भी संभाल ली थी, अब एक फैसले ने उनकी नौकरी छीन ली है। कोर्ट के फैसले के बाद न सिर्फ उनके करियर पर संकट है, बल्कि परिवारों का भविष्य भी अनिश्चित हो गया है।
8-10 साल की मेहनत पर फिरा पानी
राजस्थान SI भर्ती 2021 सिर्फ एक परीक्षा नहीं थी, बल्कि हजारों युवाओं के सपनों की मंजिल थी। कई अभ्यर्थियों ने 8 से 10 साल तक लगातार तैयारी की, दिन-रात मेहनत की और कई बार असफल होने के बाद आखिरकार सफलता हासिल की।
लेकिन पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के चलते जब भर्ती रद्द हुई, तो यह सिर्फ एक प्रक्रिया का अंत नहीं बल्कि उन युवाओं के संघर्ष का टूटना बन गया। जिन लोगों ने नौकरी जॉइन कर ली थी, वे अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
नौकरी छोड़कर बने SI, अब सबकुछ दांव पर
जयपुर के कमल कुमार जैसे कई अभ्यर्थियों की कहानी इस संकट की गंभीरता को दिखाती है। उन्होंने पहले सिपाही की नौकरी की, फिर एलडीसी बने, लेकिन सपना SI बनने का था। कड़ी मेहनत के बाद चयन हुआ, दो साल की ट्रेनिंग पूरी की और ड्यूटी भी निभाई। अब भर्ती रद्द होने के बाद उनका करियर फिर से शून्य पर आ गया है। ऐसे ही जोधपुर की प्रियंका चौधरी ने कांस्टेबल, पटवारी और आरएएस जैसी नौकरियां छोड़कर SI बनने का रास्ता चुना था। लेकिन अब उनके सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया है।
ट्रेनिंग और ड्यूटी के बाद भी नहीं मिली राहत
चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने सिर्फ परीक्षा पास ही नहीं की, बल्कि 187 दिन की कठिन ट्रेनिंग और फील्ड ड्यूटी भी पूरी की। चुनावों और बड़े आयोजनों में जिम्मेदारी निभाई। इसके बावजूद अब उन्हें बताया जा रहा है कि उनकी नियुक्ति ही अमान्य हो गई है। झुंझुनूं की वंदना मूंड जैसी अभ्यर्थी कहती हैं कि दो साल की मेहनत के बाद फिर से शुरुआत करना आसान नहीं है। उम्र, शारीरिक क्षमता और मानसिक स्थिति पर भी इसका असर पड़ रहा है।
कोर्ट के फैसले के बाद बंद हुए रास्ते
SI भर्ती 2021 में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोप सामने आने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने भर्ती को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने के आदेश दिए थे। बाद में चयनित अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। इसके साथ ही भर्ती रद्द होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। अब अभ्यर्थियों की मांग है कि दोषियों को सख्त सजा मिले, लेकिन निर्दोष उम्मीदवारों के भविष्य को बचाने के लिए सरकार कोई वैकल्पिक समाधान निकाले। फिलहाल, हालात ऐसे हैं कि सैकड़ों परिवारों का भविष्य अनिश्चितता में घिर गया है।
राजस्थान SI भर्ती 2021 का यह मामला सिर्फ एक भर्ती रद्द होने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन युवाओं के टूटे सपनों की दास्तान है जिन्होंने वर्दी के लिए अपनी जिंदगी के कई साल दांव पर लगा दिए। अब सबकी नजर सरकार और सिस्टम पर है कि क्या इन निर्दोष अभ्यर्थियों के लिए कोई राहत का रास्ता निकल पाएगा या नहीं।
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