महिला आरक्षण और परिसीमन: प्रियंका गांधी ने संसद में उठाए 5 बड़े सवाल

The CSR Journal Magazine
संसद में प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर मोदी सरकार को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार महिला आरक्षण का उपयोग अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रही है। प्रियंका ने यह भी कहा कि परिसीमन से देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। गुरुवार को संसद में कांग्रेस महासचिव और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला किया।

5 सवाल जो प्रियंका ने सरकार से पूछे

प्रियंका गांधी ने सरकार से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे जो मौजूदा राजनीतिक स्थिति को उजागर करते हैं। पहले सवाल में उन्होंने पूछा, “क्या प्रधानमंत्री जातिगत जनगणना से घबरा रहे हैं?” उनका कहना था कि जब सही आंकड़े सामने आएंगे, तो पता चलेगा कि ओबीसी वर्ग कितना प्रभावशाली है।
दूसरे सवाल में उन्होंने पूछा, “आज इन्हीं 543 लोकसभा सीटों पर महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं दिया जा सकता?” प्रियंका ने यह मांग की कि परिसीमन का इंतजार किए बिना मौजूदा संख्याबल के आधार पर महिला आरक्षण लागू किया जाना चाहिए।
तीसरे सवाल में उन्होंने SC, ST और OBC महिलाओं को उचित आरक्षण न देने की स्थिति पर ध्यान दिलाया। प्रियंका ने यह भी कहा कि सरकार ओबीसी वर्ग को भागीदारी नहीं देना चाहती और यह विधेयक इस उद्देश्य से लाया गया है।
चौथे सवाल में प्रियंका ने स्पष्ट किया कि, “अगर प्रधानमंत्री महिलाओं का सम्मान करते हैं, तो उनका राजनीतिक इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं?” उनका यह सवाल पीएम मोदी के राजनीतिक दृष्टिकोण पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

लोकतंत्र पर खतरा: प्रियंका का स्पष्ट बयान

प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि अगर परिसीमन के प्रावधान वाला बिल पास हुआ, तो यह देश में लोकतंत्र की नींव को हिला देगा। उनका कहना था कि 2011 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाकर, पीएम मोदी ओबीसी वर्ग के अधिकारों को छीनना चाहते हैं। इसके अलावा, उन्होंने राहुल गांधी के पत्र का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री से महिला आरक्षण 2029 से लागू करने का आग्रह किया था।
प्रियंका ने कटाक्ष करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री भले ही राहुल जी का मजाक बनाते रहें, लेकिन वे घर जाकर उनकी बातों पर गौर करते हैं।” यह बयान दर्शाता है कि प्रियंका का निशाना सिर्फ मोदी सरकार पर ही नहीं, बल्कि उनके बयानों और कार्यों पर भी था।

सीटों की बढ़ती संख्या पर अमित शाह का स्पष्टीकरण

संसद में पारित परिसीमन के प्रस्ताव पर अमित शाह ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने दक्षिण भारत की सीटों की संख्या बढ़ने के गणित को समझाते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया जनसंख्या के आंकड़ों पर आधारित है। यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब कांग्रेस और अन्य दल इस मुद्दे को लेकर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर राजनीतिक संवाद बढ़ रहा है, जिससे आगामी चुनावों में नया मोड़ आ सकता है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos