पायलटों की सुरक्षा को लेकर DGCA को लिखा पत्र, गंभीर मांगें उठाई गईं

The CSR Journal Magazine
एयरलाइन्स पायलट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IPAP) ने हाल ही में DGCA को एक पत्र लिखा है, जिसमें पायलटों की थकान, ड्यूटी नियमों के उल्लंघन और हाल में हुई पायलट मौतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। पत्र में FDTL (Flight Duty Time Limit) नियमों को पूरी तरह लागू करने और एयरलाइंस को दी गई अस्थायी छूट खत्म करने की मांग की गई है। हाल की घटनाओं ने उड़ान सुरक्षा को लेकर अनेक सवाल खड़े कर दिए हैं।

पायलटों की स्वास्थ्य स्थिति पर चिंता

हाल ही में कई युवा पायलटों की मौत के बाद पायलटों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। अदालत द्वारा निर्धारित FDTL नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। एयरलाइंस को जिन अस्थायी छूटों का लाभ दिया गया है, वे अब स्थायी होती जा रही हैं, जिससे नियमों की प्रभावशीलता कम हो रही है। कई कर्मचारियों को साप्ताहिक आराम के स्थान पर छुट्टियां दी जा रही हैं, जो गंभीर रूप से पायलटों की थकान और स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं।

क्या-क्या मांगे गईं हैं DGCA से?

IPAP ने DGCA से कुछ महत्वपूर्ण मांगें की हैं, जोकि इस प्रकार हैं: FDTL नियमों को पूरी तरह लागू करने के लिए एक निश्चित समयसीमा तय की जाए। अस्थायी छूटों को क्रमशः समाप्त किया जाए और पायलटों की थकान की रिपोर्ट हर तीन महीने में सार्वजनिक की जाए। इसके अलावा, एयरलाइंस को थकान रिपोर्ट का डेटा DGCA को अनिवार्य रूप से देना होगा।

सुरक्षा मानकों की आवश्यकता

पायलटों की मेडिकल फिटनेस से जुड़ा डेटा नियमित रूप से प्रकाशित किए जाने की मांग भी की गई है। इसमें परमानेंट और टेम्पररी मेडिकल अनफिटनेस के बारे में जानकारी शामिल होनी चाहिए। इसके अलावा, ड्यूटी शेड्यूल बनाते समय सुरक्षा मार्जिन को ध्यान में रखा जाए। लगातार नाइट ड्यूटी के प्रभाव का गहन अध्ययन होना चाहिए।

कैडेट पायलटों की समस्याएं

डिमांड की गई बातें सिर्फ मौजूदा पायलटों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कैडेट पायलटों के लिए भी राहत की मांग की गई है। उन्हें भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है और उनके लिए प्रशिक्षण के बाद उचित नौकरी के अवसर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। जबकि एयरलाइंस पायलटों की कमी का रोना रो रही हैं, ऐसे में ये असंतुलन नियामक कार्रवाई की मांग कर रहा है।

सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील

विभिन्न मांगों के साथ IPAP ने स्पष्ट किया है कि FDTL नियमों को कमजोर करने का कोई भी प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। सुरक्षा को व्यावसायिक हितों से हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पायलटों की मौतों और स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीरता से लेकर विमानन सुरक्षा में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। DGCA को पायलटों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल कदम उठाने होंगे।

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