मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में एक मामूली विवाद ने एक युवक की जान ले ली। चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन में सफर कर रहे 22 वर्षीय मयंक लोहार की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। लेकिन पुलिस ने आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।
400 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाल कर आरोपी तक पहुंची पुलिस
रेलवे पुलिस के अनुसार आरोपी की तलाश के लिए पश्चिम रेलवे के विभिन्न स्टेशनों और आसपास के इलाकों में लगे 400 से अधिक CCTV कैमरों की जांच की गई। तकनीकी और गोपनीय जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान रोशन (30) के रूप में की। आरोपी मीरा रोड पूर्व का रहने वाला बताया जा रहा है और बारकोड बनाने का काम करता है। पुलिस ने उसे 24 जून को नवी मुंबई के पनवेल इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मयंक लोहार अपने परिवार का सहारा था। उसके निधन के बाद माता-पिता, बहन और तीन भाइयों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है। मुंबई लोकल को हर दिन लाखों लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के लिए इस्तेमाल करते हैं। लेकिन हाल के महीनों में लोकल ट्रेनों में बढ़ती हिंसक घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
एक मामूली बहस का हत्या में बदल जाना यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
मामूली झगड़े से शुरू हुई बहस जानलेवा बन गयी
जानकारी के अनुसार, विरार निवासी मयंक लोहार अंधेरी स्थित एक निजी कंपनी में सेल्समैन के तौर पर काम करता था। सोमवार रात वह रोज की तरह काम खत्म कर घर लौट रहा था। रात करीब 10:50 बजे चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल के फर्स्ट क्लास डिब्बे में भारी बारिश के कारण दरवाजा बंद करने को लेकर उसकी एक सहयात्री से बहस हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बहस कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि गुस्से में आकर आरोपी ने धारदार हथियार से मयंक के पेट पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मयंक ट्रेन में ही तड़पता रहा और उसकी मृत्यु हो गयी।
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