महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में इस बार यदि किसी सरकारी एजेंसी ने अपने विधायी कामकाज, जवाबदेही और नीतिगत फैसलों से सबसे अधिक ध्यान खींचा, तो वह थी महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA)। एक ओर सदन में विपक्ष और सत्ता पक्ष के विधायकों ने आवास, पुनर्विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े अनेक मुद्दे उठाए, वहीं दूसरी ओर MHADA ने हर सवाल का तथ्यात्मक जवाब देने के साथ-साथ ऐसे महत्वपूर्ण विधायी कदम भी उठाए, जिनका असर आने वाले वर्षों में मुंबई और महाराष्ट्र के लाखों लोगों की जिंदगी पर दिखाई देगा। पूरे मानसून सत्र के दौरान MHADA से जुड़े 75 विधायी मामलों (Legislative Matters) पर कार्रवाई की गई। विधानसभा और विधान परिषद में विधायकों द्वारा पूछे गए 64 प्रश्नों के विस्तृत उत्तर तैयार कर प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा MHADA से जुड़े दो महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक दोनों सदनों से पारित हुए, जबकि आवास, पुनर्विकास और शहरी विकास से जुड़े छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई।
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