दिल्ली नहीं, गुवाहाटी क्यों? जापान की PM ताकाइची की पहली भारत यात्रा के पीछे बड़ा रणनीतिक संदेश

The CSR Journal Magazine
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची अगले महीने भारत का दौरा करने जा रहीं हैं। यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी जिसमें वे 1-3 जुलाई के बीच असम के गुवाहाटी में पीएम मोदी के साथ सालाना समिट में भाग लेंगी। ताकाइची के साथ 50 बिजनेस लीडर्स भी होंगे, जिनमें सुज़ुकी मोटर के प्रेसिडेंट तोशिहिरो सुजुकी भी शामिल हैं। इस यात्रा से भारत और जापान के संबंधों को और मजबूती मिलेगी। लेकिन सवाल यह है कि बातचीत के लिए दिल्ली या अहमदाबाद के बजाय गुवाहाटी का चयन क्यों किया गया?

नॉर्थ ईस्ट पर ध्यान केंद्रित

गुवाहाटी को वेन्यू के रूप में इसलिए चुना गया है क्योंकि जापान भारत की एक्ट ईस्ट नीति के तहत नॉर्थ ईस्ट में विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहा है। हाल ही में G7 समिट के दौरान पीएम मोदी ने अपने जापानी समकक्ष से मुलाकात की थी, जिसमें दोनों नेताओं ने मजबूत आर्थिक सहयोग पर चर्चा की थी। उन्होंने बताया कि भारत और जापान व्यापार और निवेश को प्राथमिकता देते हुए उन क्षेत्रों में संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

शिंजो आबे का रद्द दौरा

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को दिसंबर 2019 में गुवाहाटी आने का कार्यक्रम था, लेकिन घरेलू विरोध प्रदर्शनों के कारण वह दौरा रद्द हो गया। शिंजो आबे ताकाइची के राजनीतिक गुरु माने जाते हैं, और उनका यह पहलू भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे दोनों देशों के संबंधों में और गहराई आ सकती है। ताकाइची जबसे पीएम बनी हैं, तबसे उनकी और पीएम मोदी की मुलाकात कई बार हो चुकी है।

आर्थिक सुरक्षा और रक्षा पर ध्यान

पिछले साल अक्टूबर में पीएम मोदी ने ताकाइची से आर्थिक सुरक्षा और डिफेंस सहयोग पर चर्चा की थी। इसके बाद G20 समिट में भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी, जिसमें भारत व जापान के बीच संबंधों को और मजबूत करने पर विचार किया गया। ताकाइची ने जापान में कट्टरपंथी रूढ़िवादी दल एलडीपी का प्रतिनिधित्व किया है और उनके नेतृत्व में जापान के आंतरिक मामलों से लेकर आर्थिक सुरक्षा पर काफी काम हुआ है।

जापान में राजनीतिक हालात

हाल ही में जापान के सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) को ऊपरी सदन के चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था, जिससे ताकाइची की सरकार को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन, ऐसा होने पर भी वे जापान की आंतरिक मामलों की मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को सफल बनाना चाहती हैं। इसके लिए जापान और भारत के संबंध और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

भविष्य की संभावनाएं

भारत और जापान के बीच आने वाले समय में और भी कई द्विपक्षीय संवाद होंगे। पीएम मोदी ने पिछले वर्ष 일본 का दौरा किया था, जिसमें उन्होंने तत्कालीन पीएम इशिबा से महत्वपूर्ण समझौते किए थे। भारत आशा करता है कि ताकाइची भी इन वादों को निभाते हुए दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाएंगी।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos