जयपुर ट्रैफिक पुलिस का बड़ा कदम: ANPR तकनीक से 12 सेकंड में पकड़ा जाएगा बिना PUC और इंश्योरेंस वाला वाहन
जयपुर में ट्रैफिक नियमों की निगरानी को हाईटेक बनाते हुए राजस्थान की पहली रियल-टाइम स्मार्ट ट्रैफिक वार्निंग स्क्रीन की शुरुआत की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत जैसे ही कोई वाहन रेड लाइट पर रुकता है, वैसे ही चौराहे पर लगी बड़ी LED स्क्रीन पर उस गाड़ी का नंबर और बकाया चालान की लाइव राशि फ्लैश हो जाती है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक जवाबदेही (Public Accountability) बढ़ाना और वाहन चालकों को उनके लंबित चालान समय पर भरने के लिए प्रेरित करना है।
AI कैमरा तकनीक से बढ़ी ट्रैफिक नियमों की निगरानी
जयपुर के रामबाग चौराहे ने ट्रैफिक नियमों के पालन में एक नया अध्याय जोड़ा है। यहां अब बकाया चालान वाली गाड़ियों का नंबर बड़ी LED स्क्रीन पर 12 सेकंड में दिखाया जाएगा। ये सभी गाड़ियां AI कैमरों की नजर में हैं। चौराहे पर लगे इन स्मार्ट कैमरों से गुज़रने वाली गाड़ियों की पहचान आसानी से हो रही है, जिससे ट्रैफिक पुलिस उन गाड़ियों के मालिकों को चालान जमा कराने के लिए संपर्क कर रही है।
स्मार्ट टेक्नोलॉजी का लाभ
इस पहल के अंतर्गत, जो 4 दिन पहले शुरू हुई, ट्रैफिक पुलिस ने कई वाहनों की पहचान की है। किसी वाहन का चालान बकाया नहीं होने पर, ड्राइवर को इसके लिए धन्यवाद भी दिया जा रहा है। वहीं, जिन वाहनों का चालान बकाया है, उन्हें रोककर चालान भरने की सलाह दी जा रही है। ट्रैफिक पुलिस ने इस प्रक्रिया के लिए अजमेरी गेट स्थित कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है।
ANPR कैमरे से काम करती है AI तकनीक
चौराहों पर Automated Number Plate Recognition (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं जो वाहन के रुकते ही उसकी नंबर प्लेट को तुरंत स्कैन कर लेते हैं। यह स्मार्ट AI सिस्टम महज 12 सेकेंड में वाहन की पूरी ट्रैफिक हिस्ट्री खंगाल लेता है। कैमरे से स्कैन हुआ नंबर सीधे नेशनल ट्रांसपोर्ट डेटाबेस (VAHAN) से मिलान किया जाता है। यदि वाहन पर कोई पुराना चालान बाकी है, तो गाड़ी नंबर और जुर्माना राशि तुरंत चौराहे के बड़े डिजिटल बिलबोर्ड पर दिख जाती है।
सिर्फ चालान ही नहीं, इन दस्तावेजों पर भी है नजर
इस स्मार्ट स्क्रीन पर बकाया जुर्माने के अलावा वाहन से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदर्शित की जा रही हैं। जैसे गाड़ी का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (Pollution Under Control) वैध है या एक्सपायर हो चुका है, वाहन का एक्टिव बीमा (Active Insurance) स्टेटस, व्यावसायिक वाहनों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट की स्थिति आदि।
पुलिसकर्मी की सजगता से मिली मदद
रामबाग चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी की सजगता से कई गाड़ी मालिकों को उनकी बकाया चालान के बारे में पता चला। उदाहरण के तौर पर, एक गाड़ी चालक को पता चला कि उसकी गाड़ी के 8 चालान बकाया थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें जुर्माना जमा करने के लिए समझाया और मौके पर ही चालान जमा करने के उपाय बताए।
चालान की प्रक्रिया का रियलिटी चेक
एक रियलिटी चेक के दौरान, पुलिस ने देखा कि कुछ गाड़ी मालिक अपनी बकाया चालान की जानकारी सुनकर चौंक गए और जल्द से जल्द चालान जमा करने की बात करने लगे। कई वाहन चालकों का पॉल्यूशन या फिटनेस सर्टिफिकेट भी डेट एक्सपायर मिलने पर समझाया गया कि वे इसे जल्द ही बनवाना सुनिश्चित करें।
जनता की प्रतिक्रिया
LED स्क्रीन पर यदि किसी गाड़ी का नंबर बकाया चालान के लिए डिस्प्ले नहीं होता तो पुलिस द्वारा उसका आभार भी व्यक्त किया जाता है। एक अन्य ड्राइवर ने कहा कि यह पहल बहुत अच्छी है और इससे उन्हें ट्रैफिक नियमों का पालन करने की प्रेरणा मिल रही है। एआई तकनीक के माध्यम से सड़क पर सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कहाँ से हुई शुरुआत और क्या है आगे का प्लान?
यह पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल जयपुर के रामबाग सर्किल (Rambagh Circle), जवाहरलाल नेहरू (JLN) मार्ग और टोंक रोड जैसे प्रमुख व्यस्त रास्तों पर लाइव किया गया है। यदि यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहता है, तो प्रशासन इसे शहर के 20 अन्य प्रमुख चौराहों पर भी लागू करने की तैयारी में है। इस हाईटेक निगरानी प्रणाली से न केवल मैन्युअल चेकिंग की जरूरत कम होगी, बल्कि ट्रैफिक पुलिस को अगले चेकपॉइंट पर रियल-टाइम अलर्ट भी मिल जाता है, जिससे बार-बार नियम तोड़ने वालों को तुरंत पकड़ा जा सके। यदि आप जयपुर के रास्तों से गुजर रहे हैं, तो किसी भी अनचाहे सार्वजनिक खुलासे से बचने के लिए अपने वाहनों के लंबित चालान और PUC को ऑनलाइन जरूर चेक और क्लियर कर लें!
नए अभियान का उद्देश्य
जयपुर में राजस्थान पुलिस और Eva Bharat ने मिलकर ‘स्मार्ट व्हीकल चालान डिटेक्शन सिस्टम’ को लॉन्च किया है। यह सिस्टम स्मार्ट और डिजिटल शहरी बुनियादी ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम और सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी को भी बढ़ाने का उद्देश्य रखता है।
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