कोस्ट गार्ड को मिली स्वदेशी ताकत, भारत में बने वॉटरजेट सिस्टम का सफल ट्रायल

The CSR Journal Magazine
इंडियन कोस्ट गार्ड ने गोवा में स्वदेशी रूप से बने मरीन जेट पावर (MJP) वॉटरजेट्स के पहले ‘फैक्ट्री एक्सेप्टेंस ट्रायल्स’ (FAT) को सफलतापूर्वक संपन्न किया। यह उपलब्धि मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में बनाए जा रहे 14 फास्ट पेट्रोल वेसल्स के प्रोजेक्ट के लिए महत्वपूर्ण है। ये ट्रायल भारत में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक बड़ा कदम साबित होंगे, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत यह सफलता भारतीय तटरक्षक बल के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है।

ट्रायल की सफलताएं और विशेषज्ञों की उपस्थिति

गोवा में आयोजित इस ट्रायल में कोस्ट गार्ड, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और अन्य तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी थी। इस वॉटरजेट सिस्टम को स्वीडन की एक कंपनी से तकनीक लेकर भारत में निर्मित किया गया है। पहले ये प्रणालियाँ विदेशों से मंगवाई जाती थीं। अब, भारत में इन्हें विकसित किया जा रहा है, जो कि देश की सुरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

फास्ट पेट्रोल वेसल्स का निर्माण

इंडियन कोस्ट गार्ड के लिए बनाए जा रहे 14 नए फास्ट पेट्रोल वेसल्स में ये स्वदेशी वॉटरजेट सिस्टम लगाए जाएंगे। इस तकनीकी उन्नति से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, विदेशों पर निर्भरता कम होगी और भारतीय तटरक्षक बल के जहाजों के रखरखाव की लागत भी घटेगी। ये परिवर्तन भविष्य में बनने वाले अन्य तटरक्षक जहाजों की कार्यक्षमता को भी मजबूत करेंगे।

समुद्री आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि

इंडियन कोस्ट गार्ड के महानिदेशक परमेश शिवमणि ने 13 फरवरी 2026 को गोवा में मेसर्स मरीन जेट पावर इंडिया की वॉटरजेट प्रोडक्शन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे समुद्री आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की मुख्य उपलब्धि बताया। इस तरह की उन्नत उत्पादन और परीक्षण सुविधा के साथ, भारत विश्व स्तर पर अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बाद तीसरा ऐसा देश बन गया है।

वॉटरजेट प्रोडक्शन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी का महत्व

वॉटरजेट प्रोडक्शन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी एक विशेष औद्योगिक और परीक्षण केंद्र है, जहां वॉटरजेट प्रोपल्शन सिस्टम का निर्माण, असेंबली, परीक्षण और गुणवत्ता की जांच की जाती है। यह खासतौर पर नौसेना के युद्धपोतों, तेज़ गति वाली नावों और अन्य समुद्री प्लेटफार्मों के लिए विकसित की जाती है।

वॉटरजेट प्रोपल्शन सिस्टम की कार्यप्रणाली

वॉटरजेट प्रोपल्शन एक ऐसी तकनीक है जिसमें जहाज के नीचे लगे पंप के माध्यम से पानी को खींचकर बहुत तेज गति से पीछे की ओर निकाला जाता है। इसी रिएक्शन फोर्स से जहाज आगे बढ़ता है। इस प्रणाली में पारंपरिक प्रोपेलर की आवश्यकता नहीं होती है, जिससे जहाज की स्पीड बढ़ती है और उथले पानी में भी आसानी से चल सकता है।

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