गिफ्ट में मिला कैश टैक्स-फ्री या लगेगा जुर्माना? ITR फाइलिंग की जरूरी बातें

The CSR Journal Magazine

ITR भरने वालों के लिए बड़ा अलर्ट! क्या माता-पिता या रिश्तेदार से मिले पैसे छुपाना है गलत?

आईटीआर फाइलिंग का सीजन शुरू हो चुका है और इस समय टैक्सपेयर्स के मन में कई सवाल हैं। एक प्रमुख सवाल यह है कि क्या माता-पिता, भाई-बहन या जीवनसाथी से मिले पैसे को अपनी आय में दिखाना जरूरी है या नहीं। देश में कई लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं यह छिपाना उनके लिए मुश्किल न बना दे।

ITR फाइलिंग का समय और बेचैनी

माता-पिता या रिश्तेदारों से मिले पैसे (उपहार या वित्तीय मदद) को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में छिपाना नहीं चाहिए, बल्कि इसे एग्जेंप्ट इनकम (Tax-Free Income) के रूप में दर्शाना सुरक्षित रहता है ताकि भविष्य में नोटिस आने का जोखिम न रहे।

क्या आपने छिपाया पैसा?

अगर आपने अपने माता-पिता, भाई-बहन या पति-पत्नी से कोई राशि प्राप्त की है, तो यह आवश्यक है कि आप इसे अपनी आईटीआर में दर्शाएँ। अगर आप इसे छुपाने की कोशिश करेंगे, तो आपको नोटिस मिल सकता है। टैक्स अधिकारियों का कहना है कि ये गिफ्ट या सहायता भी आपकी आय में मानी जा सकती है और इसे सही तरीके से दर्शाना जरूरी है।

नियम और कानून की जानकारी

हर व्यक्ति को ये जानना प्रासंगिक है कि इनकम टैक्स कानून के अनुसार, यदि आपको किसी रिश्तेदार से पैसे मिलते हैं, तो इस राशि का विवरण देना अनिवार्य है। चाहे वह गिफ्ट हो या आर्थिक मदद, आईटीआर में उसे दिखाना जरूरी है। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो टैक्स विभाग द्वारा कार्रवाई की जा सकती है।

टैक्स के नियम और ITR में दिखाने का तरीका

रिश्तेदारों से मिला पैसा टैक्स-फ्री: आयकर अधिनियम की धारा 56(2)(x) के तहत माता-पिता, भाई-बहन या जीवनसाथी जैसे करीबी रिश्तेदारों से मिली कितनी भी बड़ी रकम पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।
ITR में दर्शाना क्यों जरूरी: यदि आपके बैंक खाते में बड़ी रकम जमा होती है, तो आयकर विभाग का ऑटोमेटेड सिस्टम उसे पकड़ सकता है। अगर आपने इसे ITR में नहीं दिखाया, तो विभाग इसे “अघोषित आय” मानकर नोटिस भेज सकता है।
कहाँ दिखाएं: ITR दाखिल करते समय इस रकम को ‘Schedule EI’ (Exempt Income) के अंतर्गत ‘Others’ कॉलम में प्रदर्शित करें।
पुख्ता सबूत रखें: भविष्य में किसी भी पूछताछ से बचने के लिए माता-पिता के साथ एक गिफ्ट डीड (Gift Deed) बनवा लें या बैंक ट्रांसफर का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।

कब मिलेगा नोटिस?

टैक्स विभाग का स्पष्टीकरण है कि यदि उन्हें कोई अनियमितता दिखाई देती है, तो वे संबंधित व्यक्ति को नोटिस भेज सकते हैं। यह नोटिस तब संभव है जब फंड की ज्यादती या संदिग्ध ट्रांजैक्शन हो। इस उद्देश्य से, अपने फाइनेंशियल डिटेल्स को ठीक से भरना बेहतर है।

गिफ्ट पर टैक्स नियम

गौर करने वाली बात यह है कि यदि आपके माता-पिता या रिश्तेदार से मिली राशि एक निर्धारित सीमा से अधिक है, तो आपको उस पर टैक्स भी देना पड़ सकता है। वर्तमान में, परिवार से मिली गिफ्ट के लिए 50,000 रुपये तक की राशि पर कोई टैक्स नहीं लगता है। लेकिन ध्यान रखें, इस सीमा को पार करते ही आपको इसकी जानकारी संबंधित विभाग को देनी आवश्यक है।

ITR में सही जानकारी देना क्यों है महत्वपूर्ण?

सही जानकारी देने से न केवल आपकी वित्तीय स्थिति स्पष्ट होगी, बल्कि भविष्य में किसी तरह के विवाद या नोटिस से बचने में भी मदद मिलेगी। कभी-कभी छोटे-छोटे तथ्य भी बड़े मुद्दे का रूप ले सकते हैं। इसलिए, यह बेहद महत्वपूर्ण है कि सभी राशि जो आपको प्राप्त हुई है, उसे सही तरीके से आईटीआर में दर्शाया जाए।

रिश्तेदारों से मिले पैसे के बारे में जागरूकता

इस स्थिति में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। लोग अक्सर यह सोचते हैं कि रिश्तेदारों से मिली राशि को छिपाना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन यह एक गंभीर गलती साबित हो सकती है। टैक्स अधिकारियों की नजर अक्सर ऐसी ट्रांजैक्शंस पर होती है, जिससे यह सावधानी बरतना आवश्यक है।

समझदारी से करें फाइलिंग

अंततः, आईटीआर फाइलिंग करते समय पूर्ण सावधानी और ईमानदारी बरतने की जरूरत है। सही जानकारी देने से आप न केवल खुद को बचाते हैं, बल्कि टैक्स प्रणाली की भी सहायता करते हैं। अगर आपको इस विषय में कोई संदेह है, तो विशेषज्ञों से सलाह लेना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

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