खाड़ी में उठी आतंक की लहर, भारत सरकार ने जारी किए सख्त आदेश

The CSR Journal Magazine
खाड़ी क्षेत्र में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। हालिया संकट में अब तक नौ भारतीयों की जान जा चुकी है, जबकि एक भारतीय लापता है। साथ ही, सात अन्य भारतीय घायल भी हुए हैं। ऐसे में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन (DGMA) ने जहाजों पर भारतीय नाविकों को तैनात करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। पिछले कुछ समय से अमेरिकी और ईरानी सुरक्षा के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, जो स्थिति को और भी चिंताजनक बना रहा है।

DGMA का सख्त आदेश, भारतीय नाविकों के लिए चेतावनी

DGMA ने सभी जहाज मालिकों और भर्ती एजेंसियों को सर्कुलर जारी कर कहा है कि वे अगले आदेश तक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों को तैनात न करें। हालात देखते हुए सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। प्रमुख नॉटिकल सर्वेयर रवि सिंह सिकरवार ने यह सूचना दी है, जिससे नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मौतों की बढ़ती संख्या, नाविकों के लिए जोखिम बढ़ा

पश्चिम एशिया में भारतीय नाविकों की स्थिति बेहद गंभीर है। हाल के दिनों में हुए हमलों ने स्थिति को और भी कठिन बना दिया है। मोंबासा बी, अल बह्या, GFS गैलेक्सी, MT वेड्यान और अल रेकयात जैसे व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों ने भारतीय नाविकों के लिए सुरक्षा खतरों को जन्म दिया है। DGMA के अनुसार, वर्तमान हालात में भारतीय नाविकों का जीवन संकट में है।

सुरक्षा के लिए सख्त कदम, नाविकों को आवश्यक सलाह

DGMA ने सभी जहाज मालिकों को निर्देश दिया है कि उन्हें सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्क रहना होगा। फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और आस-पास के जलक्षेत्र में काम कर रहे जहाजों को हाइली सिक्योरिटी मेंटेन करनी होगी। दी गई सुरक्षा सलाहों और नेविगेशनल अलर्ट का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता है। इसके अलावा, इंटरनेशनल शिप एंड पोर्ट फैसिलिटी सिक्योरिटी कोड के अनुसार सभी सुरक्षा उपायों को लागू करना अनिवार्य होगा।

संकट में फंसे भारतीयों की सुरक्षा के उपाय

फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के महासचिव मनोज यादव ने संकट की गंभीरता को समझते हुए कहा है कि संकट से निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदमों का स्वागत है। लेकिन उन भारतीय नाविकों के लिए क्या उपाय किए जाएंगे, जो अभी भी फंसे हुए हैं? यह एक चिंता का विषय है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा, महत्वपूर्ण आंकड़े

DGMA के अनुसार, फिलहाल फारस की खाड़ी में आठ भारतीय जहाज हैं, जिन पर 171 भारतीय नाविक सवार हैं। 2 दिन पहले जारी आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि कुल 17 जहाज जिनमें भारतीय और विदेशी झंडे वाले शामिल हैं, खाड़ी में मौजूद हैं। इन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के उपाय किए जा रहे हैं। 15 जुलाई तक 3,932 नाविकों को संकटग्रस्त क्षेत्र से सुरक्षित निकाला जा चुका है।

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