पति ने पत्नी से परेशान होकर मांगी इच्छामृत्यु, चौथी शादी बनी मुसीबत
गुजरात के सूरत में किरीट पटेल (बाबूभाई पटेल) नामक व्यक्ति ने अपनी चौथी पत्नी और ससुराल वालों के कथित मानसिक और कानूनी उत्पीड़न से तंग आकर जिला कलेक्टर से इच्छामृत्यु (Euthanasia) की अनुमति मांगी है। पीड़ित पति ने गंभीर मानसिक तनाव के कारण न्याय न मिलने पर आत्महत्या करने की चेतावनी भी दी है।
एक अनूठा कदम: इच्छामृत्यु की मांग
गुजरात के एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और उसके परिवार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उसके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराए हैं। इस कारण वह मानसिक परेशानियों से जूझ रहा है। बाबूभाई नाम के इस शख्स ने कहा कि उनका परिवार सदस्यों के ताने और प्रताड़ना से बेहद दुखी हैं। उन्होंने इस दुखदाई स्थिति से आजिज आकर इच्छामृत्यु की मांग की है।
परिवार के ताने बन गए गलती की सजा
बाबूभाई ने चौथी शादी की है, जो अब उनके लिए समस्या बन गई है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी शिकायतें तीन दिनों के भीतर नहीं सुनी गईं, तो वह “बड़ा कदम” उठाने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि सामाजिक मान-मान्यता के कारण भी उन्हें इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
पत्नी पर लगाया बेटे की हत्या के प्रयास का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि उसकी वर्तमान पत्नी ने उसके पिछली शादी से हुए 12 वर्षीय बेटे को तकिया और रोटी से गला घोंटकर मारने की कोशिश की थी। बाबूभाई का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद पुलिस ने इस जानलेवा हमले की प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की।
पति की हालत गंभीर, ससुराल वाले मुश्किलें पैदा करने वाले
बाबूभाई ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनकी पत्नी का परिवार उन्हें हर संभव तरीके से परेशान करने का प्रयास कर रहा है। इस परेशानी के चलते उनकी मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ा है। यह बेतुकी स्थिति अब उनके लिए न सहन करने योग्य हो रही है।
किसी ने सुना नहीं, मुखर किया अपना दर्द
बाबूभाई ने अपने दर्द को साझा करते हुए कहा कि उनका परिवार सामाजिक दबाव का सामना कर रहा है। उन्होंने अपनी परेशानी को लेकर स्थानीय अधिकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी जानकारी दी है, लेकिन अब तक कोईे ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में उन्होंने अपनी इच्छामृत्यु की मांग को उठाया है।
भविष्य की चिंता
बाबूभाई की कहानियाँ तथा मांगें इस बात का संकेत देती हैं कि पारिवारिक तनाव और मानसिक प्रताड़ना किसी व्यक्ति को किन स्थितियों में पहुंचा सकती हैं। चौथी शादी की चुनौतियां और ससुराल का दबाव उन्हें गहरे मानसिक संकट में डाल रहा है। इस मामले की गंभीरता अब सभी की नजरों में आ गई है।
पिछले अनुभव बने मुसीबत का कारण
बाबूभाई ने कहा है कि उनके पिछले तीन विवाह असफल रहे थे, और इस चौथी शादी ने उनको चिंता का विषय बना दिया है। उनके अनुसार, यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि समाज में रिश्तों को लेकर गहरी सोचने की आवश्यकता को उजागर करता है।
समाज का दायित्व: ऐसे मामलों पर ध्यान दें
इस घटना ने समाज को एक नई चुनौती दी है। व्यक्तियों की मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चर्चा की आवश्यकता है। विशेषकर पारिवारिक रिश्तों की जटिलताओं को समझना और उसके प्रति संवेदनशील होना जरूरी है। बाबूभाई की स्थिति यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या समाज ऐसे मामलों में और ज्यादा सक्रियता दिखा सकता है।
संकट के समय मानसिक स्वास्थ्य सहायता (Helpline Numbers)
यदि आप या आपका कोई परिचित अत्यधिक मानसिक तनाव, अवसाद (Depression) या आत्महत्या के विचारों से जूझ रहा है, तो कृपया तुरंत नीचे दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। मदद हमेशा उपलब्ध है:
-
टेली-मानस (Tele-MANAS – भारत सरकार): 14416 या 1800-891-4416 (24 घंटे मुफ्त परामर्श)
-
किरण हेल्पलाइन (Kiran Helpline): 1800-599-0019
-
वंद्रेवाला फाउंडेशन (Vandrevala Foundation): +91 9999 666 555
-
आसरा (AASRA): +91 98204 66726

