अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, आग लगने से 8 कर्मचारियों की मौत

The CSR Journal Magazine

अहमदाबाद में पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, 8 कर्मचारी झुलसे

गुजरात के अहमदाबाद में रामोल-गतराद रोड स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट के बाद लगी आग में 8 लोगों की मौत हो गई है और 10 से 15 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। यह दर्दनाक हादसा अहमदाबाद के महमूदपुरा/वस्त्रल इलाके में स्थित ‘टैलेंट’ नामक पटाखा फैक्ट्री में शनिवार दोपहर को हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज करीब 5 किलोमीटर दूर तक सुनी गई।

राहत कार्य में ARF जवानों की तत्परता

अहमदाबाद के वस्त्रा इलाके में शनिवार को एक पटाखा फैक्ट्री में आग लग गई। यह घटना रामोल-गतराद रोड पर हुई, जहां फैक्ट्री के अंदर काम करने वाले 10 श्रमिक थे। हादसे में 8 कर्मी झुलस गए हैं। सूचना मिलते ही दमकल की पांच से अधिक गाड़ियां और एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गईं।

अवैध संचालन का खुलासा

पुलिस और प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि इस फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था।  इसके बावजूद मेहुल डोडिया नामक संचालक द्वारा इसे अवैध रूप से चलाया जा रहा था। घायलों को इलाज के लिए पास के एलजी अस्पताल (LG Hospital) और असरवा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने इस मामले में गैर-इरादतन हत्या की धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

घटनास्थल पर पहुंचे दमकलकर्मी

धमाके की आवाज सुनते ही पास में स्थित रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) कैंप के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले ही कई झुलसे हुए लोगों को बाहर निकाला।  इसके बाद फायर ब्रिगेड की 5 से अधिक गाड़ियां आग बुझाने के काम में जुटीं। दमकलकर्मियों ने तुरंत आग पर काबू पाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए। आग इतनी भयंकर थी कि आसपास के इलाके में धुआं फैल गया। दमकल के अधिकारी ने जानकारी दी कि आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है, लेकिन जांच की जा रही है।

आरएएफ जवानों की बहादुरी

हादसे के समय, घटनास्थल के पास रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) का एक कैंप था। धमाके की आवाज सुनते ही जवान तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायल लोगों की मदद की। इसका नतीजा यह रहा कि कई लोगों की जान बचाई जा सकी। जवानों ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

चिंता का विषय बन गई फैक्ट्री

इस घटना ने पटाखा फैक्ट्री की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है। आग की घटनाएं अक्सर देखने को मिलती हैं, जिससे कई बार जानमाल का नुकसान होता है।

स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल

स्थानीय निवासियों में हादसे के बाद दहशत का माहौल है। इलाके के लोग बार-बार ऐसी घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। आसपास के अन्य व्यवसायों में भी सुरक्षा बढ़ाने की बात की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।

फैक्ट्रियों की सुरक्षा के लिए बड़े कदम चाहिए

विशेषज्ञों का मानना है कि हादसे के बाद अब समय आ गया है कि पटाखा फैक्ट्रियों की सुरक्षा को गंभीरता से लिया जाए। ऐसा कोई भी कदम जो सुरक्षा में सुधार लाए, उसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस मामले में सरकार और औद्योगिक संस्थाएं सक्रिय रूप से काम कर सकती हैं।

आपातकालीन सेवाओं की भूमिका

इस घटना में आपातकालीन सेवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही। दमकल और एम्बुलेंस की तत्परता ने कई लोगों की जिंदगी बचाई। घटना स्थल पर पहुंचे सुरक्षा बलों ने भी अपनी जिम्मेदारी अच्छी तरह से निभाई। ऐसे कई मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया हमेशा महत्वपूर्ण होती है।

स्थानीय प्रशासन की ओर से कार्रवाई

स्थानीय प्रशासन ने भी इस मामले पर गौर करना शुरू कर दिया है। उन्होंने फैक्ट्री की सुरक्षा और जांच को लेकर विशेष टीमों का गठन किया है। यह टीम यह देखेगी कि कौन से नियमों का उल्लंघन हुआ और भविष्य में कैसे ऐसे हादसे रोके जा सकते हैं।

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