‘पुष्पा ऑफ फालता’ का निकला दम; हाफ पैंट में नंगे पैर घूमे TMC नेता जहांगीर खान, जनता से मांगी माफी
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता और ‘पुष्पा ऑफ़ फालता’ के नाम से चर्चित जहांगीर खान की पुलिस द्वारा सड़क पर परेड कराई गई है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके हाथ जोड़कर और कान पकड़कर स्थानीय लोगों से माफी मांगने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है मामला?
पश्चिम बंगाल के फालता में TMC नेता जहांगीर खान को एक बार फिर हाफ पैंट में लोगों के सामने लाया गया। इस दौरान उन्होंने कान पकड़कर और हाथ जोड़कर लोगों से माफी मांगी। यह नज़ारा 11 जून को भी देखने को मिला था, जब पुलिस ने जहांगीर की हाफ पैंट में परेड करवाई थी। पुलिस का कहना है कि खान को जांच के सिलसिले में फलता लाया गया है।
गिरफ्तारी का ताजा मामला
जबरन वसूली (Extortion), चुनावी हिंसा, वोटरों को धमकाने और महिलाओं के खिलाफ अपराध सहित 7 से अधिक मामलों में फरार चल रहे जहांगीर खान को पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 8 जून 2026 को भारत-नेपाल सीमा (पानीटंकी) के पास से गिरफ्तार किया था, जिसके खिलाफ पुलिस ने दक्षिण 24 परगना जिले के फालता पुलिस स्टेशन में 7 FIR दर्ज की हैं। यह भी कहा जा रहा है कि खान महिलाओं को गैंगरेप की धमकी देने के मामले में भी शामिल हैं।
हाफ पैंट में निकाली परेड
गिरफ्तारी के बाद जांच और क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए पुलिस उन्हें दक्षिण 24 परगना जिले के फालता (Falta) इलाके में लेकर पहुंची। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हाफ पैंट और साधारण टी-शर्ट में नंगे पैर सड़कों पर पैदल घुमाया, कान पकड़कर माफी मंगवाई। जिस इलाके में कभी जहांगीर खान का भारी खौफ और दबदबा हुआ करता था, उसी सड़क पर परेड के दौरान वे पुलिसकर्मियों के बीच हाथ जोड़कर और अपने कान पकड़कर जनता से बार-बार माफी मांगते नजर आए।
जहांगीर की छवि और चुनाव
जहांगीर खान ने खुद को इलाके में एक अभेद्य नेता के रूप में प्रस्तुत किया था, जो किसी दबाव में नहीं झुकता। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों को चुनौती देते हुए खुद को फिल्म का कैरेक्टर ‘पुष्पा’ (जो झुकेगा नहीं) बताया था। अब उनकी इस हालत को देखकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनकी हेकड़ी निकलने को लेकर जमकर चर्चा हो रही है। 2026 में फालता विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन चुनावी गड़बड़ियों के कारण उसे पुन: मतदान का सामना करना पड़ा। हालांकि, चुनाव से 48 घंटे पहले ही जहांगीर ने अपने नाम वापसी की घोषणा कर दी।
मानवाधिकार आयोग का राजनीतिक घमासान
इस सार्वजनिक परेड को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। विपक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का एक वर्ग इसे कानून की ताकत बता रहा है, तो वहीं कुछ लोग किसी आरोपी को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित करने को मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन मान रहे हैं।
फालता में TMC नेताओं का खौफ
पिछले दिनों प्रदेश में TMC नेताओं की गिरफ्तारी के बाद जनता का गुस्सा फूटा है। एक मामले में, लोगों ने एक TMC पार्षद का सिर मुंडवाते हुए उसकी परेड निकाली। इसके अलावा, कई अन्य वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन घटनाओं ने TMC पार्टी के भीतर खलबली मचा दी है।
कट मनी का विवाद
पश्चिम बंगाल में ‘कट मनी’ एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। आरोप है कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर नेताओं ने जनता से कमीशन वसूला है। बीजेपी ने इसे Elections में एक प्रमुख मुद्दा बना दिया है। हाल ही में कई नेताओं को कट मनी वापस करते हुए देखा गया है, जिससे यह मुद्दा और तूल पकड़ता जा रहा है।
पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक दबाव
जहांगीर की गिरफ्तारी के बाद बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने कार्रवाई तेज कर दी है। वह नेपाल भागने की योजना बना रहा था, लेकिन पूर्व में हुई कार्रवाई ने उसे पकड़ने में मदद की। फिलहाल, उन पर विभिन्न आरोपों की जांच चल रही है। पुलिस ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
स्थानीय नेताओं की स्थिति
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में एक TMC नेता, शाहिदुल मियां, भीड़ से बचने के लिए बिस्तर के नीचे छिपे मिले। उन पर भी सरकारी आवास योजना में कमीशन वसूलने का आरोप है। ये घटनाएं TMC नेताओं के लिए मुश्किल समय का संकेत दे रही हैं।
क्या अब TMC के बचाव में आ पाएगी सरकार?
बीजेपी ने बंगाल में ‘कट मनी’ के मुद्दे को लेकर कई बार TMC सरकार को घेरा है। अब देखना यह है कि TMC इस संकट से कैसे निपटती है, क्या सरकार इस दावे को सही साबित कर सकेगी? 2026 के विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा और अधिक महत्व रख सकता है।
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