दिल्ली में आयोजित पहले डॉ. मनमोहन सिंह मेमोरियल लेक्चर में जर्मनी की पूर्व चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा कि मनमोहन सिंह के द्वारा किए गए आर्थिक सुधारों ने भारत को 30 साल के विकास की ओर बढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि 1991 से 1996 तक वित्त मंत्री रहते हुए जब भारत एक गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा था, तब सिंह ने “साहसी सुधारों” की शुरुआत की।
भारत की ग्रोथ रेट की सराहना
मर्केल ने भारत की ग्रोथ रेट की भी तारीफ की, जिसमें पिछले कुछ वर्षों में 5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश होने के नाते, भारत ने अपने आर्थिक विकास में असाधारण क्षमता दिखाई है।
साहसिक सुधारों का योगदान
मनमोहन सिंह के वित्त मंत्रालय के कार्यकाल की चर्चा करते हुए, मर्केल ने बताया कि सिंह ने फॉरेन एक्सचेंज को आसान बनाया, लाल फीताशाही को समाप्त किया और विदेशी निवेशकों के लिए बाजार खोला। इन सुधारों ने अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में मदद की और परिणामस्वरूप भारत की आर्थिक तरक्की संभव हो पाई।
बाइंडिंग CO2 के मुद्दे से नाराजगी
मर्केल ने याद किया कि कैसे उन्होंने क्योटो प्रोटोकॉल के बाद भारत के बाइंडिंग CO2 एमिशन को स्वीकार न करने पर अपनी निराशा व्यक्त की थी। इस पर मनमोहन सिंह ने स्पष्ट किया था कि भारतीय संसद कभी भी बाइंडिंग कटौती को स्वीकार नहीं करेगी। हालांकि, मर्केल ने इस मुद्दे पर असंतोष व्यक्त किया।
FTA की सफलता की सराहना
उन्होंने हाल ही में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की तारीफ की और कहा कि इस समझौते में उनका भी योगदान था। मर्केल ने कहा कि यूरोपियन यूनियन दूसरी सबसे बड़ी वैश्विक आर्थिक ताकत है, जबकि भारत के पास युवा जनसंख्या का लाभ है।
भारत का उज्ज्वल भविष्य
मर्केल ने भारत के भविष्य को उज्ज्वल बताते हुए कहा कि FTA से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे। उनका मानना है कि भारत में बहुत संभावनाएं हैं और इसे देखने के लिए उन्होंने उसके विकास की तारीफ की।
मनमोहन सिंह का प्रभाव
अपने भाषण के दौरान, मर्केल ने मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री काल का भी उल्लेख किया, जब 2004 में भारत की प्रति व्यक्ति आय 624 डॉलर थी। उन्होंने बताया कि 2014 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,553 डॉलर हो गया। मर्केल ने कहा कि ये आंकड़े खुद उनकी राजनीति के प्रभाव का प्रतीक हैं।
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