‘भारत में रहने पर शर्म आती है’, कपिल सिब्बल के बयान पर भड़की BJP, लगाया देश के अपमान का आरोप

The CSR Journal Magazine

कपिल सिब्बल के विवादित बयान पर बवाल, BJP हुई आगबबूला

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के दिए बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कपिल सिब्बल ने रविवार (31 मई) को इस हमले की निंदा करते हुए कहा था, “मुझे शर्म आती है कि मैं ऐसे देश में रह रहा हूं…” जिसके बाद बीजेपी प्रवक्ताओं ने उन पर देश विरोधी होने और भारत से नफरत करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

कपिल सिब्बल का बयान: भारत में रहने पर शर्म आती है

भारत में रहने वाले वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल का एक बयान विवाद का कारण बन गया है। उन्होंने हाल ही में कहा कि उन्हें ‘ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी जैसे लोगों पर हमले होते हैं। उनका यह बयान भाजपा सहित सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। कपिल सिब्बल के इस विचार ने अनेक प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं, जिसमें सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा ने तीखे हमले किए हैं।

कपिल सिब्बल का मूल बयान क्या था?

पश्चिम बंगाल में TMC नेता अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित पथराव और हमले के बाद, कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार और बीजेपी की मानसिकता पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा, “यह बेहद शर्मनाक है। मुझे शर्म आती है कि मैं ऐसे देश में रह रहा हूं जहां सत्ताधारी दल लोकतंत्र की उस नींव को नष्ट करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, जो हमारे महान नेताओं ने इस गणतंत्र की स्थापना के समय रखी थी।” सिब्बल ने आरोप लगाया कि बीजेपी विपक्ष को कुचलने और उनके मन में डर पैदा करने के लिए सुरक्षा हटाने और हिंसा जैसी राजनीति का सहारा ले रही है।

शहजाद पूनावाला और प्रदीप भंडारी का पलटवार

कपिल सिब्बल के इस बयान के सामने आते ही बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला और प्रदीप भंडारी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन पर चौतरफा हमला बोला, “बीजेपी से विरोध है, तो भारत से नफरत क्यों?” शहजाद पूनावाला ने कहा कि बीजेपी का राजनीतिक विरोध करना एक बात है, लेकिन उसके चक्कर में देश को गाली देना और देश का अपमान करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया, “आपकी राजनीतिक असहमतियां हो सकती हैं, लेकिन आप भारत से नफरत क्यों करते हैं?”

संवैधानिक संस्थाओं का अपमान

पूनावाला ने कहा कि जिस व्यक्ति ने भारत के सुप्रीम कोर्ट में वकालत करके करोड़ों रुपये कमाए, उसका देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति ऐसा नकारात्मक नजरिया होना दुर्भाग्यपूर्ण है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सिब्बल के इस बयान को देश के करोड़ों ईमानदार मतदाताओं, पश्चिम बंगाल की जनता और भारतीय लोकतंत्र का सीधा अपमान बताया है। बीजेपी ने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले में अपना हाथ होने से साफ इनकार किया है। शहजाद पूनावाला का दावा है कि इस मामले में जो लोग गिरफ्तार हुए हैं, उनके संबंध खुद टीएमसी से हैं और यह हमला विपक्षी दल की आपसी गुटबाजी का नतीजा हो सकता है।

चुनिंदा आक्रोश (Selective Outrage) का आरोप

बीजेपी ने सिब्बल को याद दिलाया कि जब 2021 में पश्चिम बंगाल के चुनाव बाद भयंकर हिंसा हुई थी और बीजेपी व कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जानें गई थीं, तब कपिल सिब्बल ने अपना मुंह नहीं खोला था। संदेशखाली और आरजी कर मेडिकल कॉलेज जैसी बड़ी घटनाओं पर भी वे चुप रहे। भाजपा के नेताओं ने कपिल सिब्बल के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह बयान देश की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।

BJP का प्रतिरोध: सिब्बल को चेतावनी

 केन्द्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि इस तरह के बेतुके बयान केवल राजनीतिक प्रतियोगिता के लिए दिए जाते हैं। उन्होंने सिब्बल को सावधान करते हुए कहा कि उन्हें अपनी ज़िम्मेदारी का ध्यान रखना चाहिए। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी सिब्बल पर आरोप लगाया कि वह देश की स्थिति को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।

राजनीतिक विवाद का तूल पकड़ना

इस बयान ने न सिर्फ भाजपा के नेताओं को ही नहीं, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों के हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि कपिल सिब्बल की यह टिप्पणी चुनावी राजनीति में व्यस्त समय के दौरान आई है, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है। कुछ TMC नेता भी इस विवाद में कूदते हुए सिब्बल का समर्थन करते नजर आए हैं और उनके बयान को महत्वपूर्ण करार दिया है।

सिब्बल का राजनीतिक बैकग्राउंड

कपिल सिब्बल का राजनीतिक करियर काफी रोचक है। वह पहले ही कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रख चुके हैं। उनको एक सक्षम वकील और न्याय के लिए प्रतिबद्ध नेता के रूप में पहचाना जाता है। लेकिन उनका यह नया बयान निश्चित रूप से उनके राजनीतिक करियर में नए मोड़ ला सकता है।

समाज में प्रतिक्रियाएं

सिब्बल के बयान ने सोशल मीडिया पर भी भूचाल ला दिया है। नेटिज़न्स ने विभिन्न दृष्टिकोणों के साथ अपनी राय व्यक्त की है। कुछ ने उनका समर्थन किया है तो कुछ ने उन्हें आड़े हाथों लिया है। कुछ यूजर्स ने यह कहा है कि यह बयान किसी भी सियासी नेताओं को अपनी ज़िम्मेदारी से भागने का बहाना देता है।

क्या है अभिषेक बनर्जी का मामला?

अभिषेक बनर्जी का नाम हाल ही में कुछ विवादित मामलों में आया है, जिससे उन पर कई तरह के आरोप लगे हैं। ऐसे में सिब्बल का इस मुद्दे पर बोलना स्पष्ट रूप से उनकी चिंता को दर्शाता है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, यह जांचना जरूरी है कि क्या सिब्बल का बयान सही या गलत था।

गौरतलब है कि विवादित बयान का प्रभाव

कपिल सिब्बल का यह बयान केवल एक राजनीतिक साधन नहीं है, बल्कि यह देश की मौजूदा स्थिति को भी उजागर करता है। इस पर आगे की प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक गतिविधियाँ आने वाले समय में देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सिब्बल अपने बयान पर कायम रहेंगे या इसे वापस लेते हैं।

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