Bihar Jugaad Gaadi Ban: बिहार में सड़कों पर दौड़ रही जुगाड़ गाड़ियों (Jugaad Vehicles) के दिन अब पूरे होने वाले हैं। राज्य सरकार ने इनके अवैध संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। परिवहन एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने इस संबंध में सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को सख्त निर्देश जारी किए हैं। मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पटना हाईकोर्ट द्वारा जुगाड़ गाड़ियों पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है और इसे हर हाल में सख्ती से लागू किया जाएगा।
Bihar Jugaad Gaadi Ban: हाईवे से लेकर शहरों तक चलेगा अभियान
परिवहन मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के साथ-साथ शहरी इलाकों में चल रही जुगाड़ गाड़ियों के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान ऐसे वाहनों और उनके चालकों पर Motor Vehicle Act की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि जुगाड़ गाड़ियां न केवल गैरकानूनी हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन चुकी हैं।
मोटरसाइकिल और रिक्शा से बनी होती हैं जुगाड़ गाड़ियां
मंत्री ने बताया कि जुगाड़ गाड़ियां आमतौर पर डीजल पंप सेट, मोटरसाइकिल के हैंडल और माल ढोने वाले रिक्शा या ठेले की बॉडी को जोड़कर बनाई जाती हैं। ऐसे वाहन Motor Vehicle Act 1988, Central Motor Vehicle Rules 1989 और Bihar Motor Vehicle Rules 1992 में तय किसी भी मानक पर खरे नहीं उतरते।
Bihar Jugaad Gaadi Ban: दुर्घटना होने पर नहीं मिलता मुआवजा
केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली 1989 के नियम 126 के तहत अधिकृत परीक्षण एजेंसियों से इन वाहनों के प्रोटोटाइप की कोई मंजूरी नहीं होती। इसी वजह से इनका रजिस्ट्रेशन, परमिट, बीमा, फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण-पत्र जारी नहीं हो पाता। मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि जुगाड़ गाड़ी से कोई दुर्घटना होती है, तो न तो पीड़ित को और न ही वाहन मालिक को किसी तरह का मुआवजा मिल पाएगा।
जुगाड़ गाड़ी चलाना दंडनीय अपराध
श्रवण कुमार ने साफ कहा कि जुगाड़ गाड़ियों का संचालन दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। यह मामला न्यायालय के आदेश और जनहित से जुड़ा है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है।
वैध रोजगार के लिए सरकार की योजना
रोजगार से जुड़े लोगों के लिए मंत्री ने राहत की बात भी कही। उन्होंने बताया कि इच्छुक लोग मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना और ग्राम परिवहन योजना के तहत आवेदन कर वैध वाहन खरीद सकते हैं। इन योजनाओं में सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जा रही है, जिससे लोग सुरक्षित और कानूनी तरीके से स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं। सरकार के इस फैसले से जहां सड़क सुरक्षा मजबूत होगी, वहीं अवैध वाहनों पर लगाम कसने में भी बड़ी मदद मिलेगी।
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