Bihar Fancy Number Plate: बिहार में फैंसी नंबर प्लेट का बढ़ा क्रेज! सरकार की भी हुई करोड़ों की कमाई

The CSR Journal Magazine
Bihar Fancy Number Plate: बिहार में अब वाहन सिर्फ सफर का साधन नहीं, बल्कि स्टेटस सिंबल भी बनते जा रहे हैं। लग्जरी कारों की तरह अब आम वाहन मालिकों में भी फैंसी नंबर प्लेट (Fancy Number Plate) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। लोग अपनी जन्मतिथि, लकी नंबर या पसंदीदा अंकों के लिए लाखों रुपये तक खर्च करने को तैयार हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से 2026 के बीच राज्य में 37 हजार से अधिक वाहन मालिकों ने अपनी पसंद के नंबर हासिल किए हैं। इससे सरकार को भी करोड़ों रुपये का राजस्व मिला है।

Bihar Fancy Number Plate: हर साल बढ़ रहा है फैंसी नंबर का ट्रेंड

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में बिहार में 3,013 वाहनों के लिए फैंसी नंबर जारी किए गए, जिससे सरकार को 6 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई। वर्ष 2022 में यह संख्या बढ़कर 4,648 हो गई और राजस्व 9 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। इसके बाद 2023 में करीब 6,800 वाहन मालिकों ने फैंसी नंबर लिए, जिससे 12 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई हुई। वहीं 2024 में 7,789 फैंसी नंबर जारी किए गए और सरकार को 13 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिला।

Bihar Fancy Number Plate: 2025 में बना नया रिकॉर्ड

वर्ष 2025 में फैंसी नंबर प्लेट लेने वालों की संख्या बढ़कर 8,936 हो गई। इस दौरान केवल पटना में 3,500 से अधिक, गया में 557 और रोहतास में 549 लोगों ने अपनी पसंद के नंबर खरीदे। चालू वर्ष 2026 में जनवरी से अब तक ही 6,500 से ज्यादा फैंसी नंबर जारी किए जा चुके हैं, जिससे परिवहन विभाग को 10 करोड़ रुपये से अधिक की आय हो चुकी है।

पटना में सबसे ज्यादा शौक

फैंसी नंबर लेने वालों में पटना सबसे आगे है। इसके अलावा गया, मुजफ्फरपुर, रोहतास और पूर्णिया जैसे जिलों में भी लोगों में पसंदीदा नंबर लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। खासकर 0001, 0003, 0005, 0007, 0009, 9999, 1212 और 2525 जैसे नंबरों की सबसे ज्यादा मांग है।

ई-नीलामी से मिलता है पसंदीदा नंबर

परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि फैंसी नंबर प्लेट अब लोगों की व्यक्तिगत पहचान और स्टेटस का हिस्सा बन गई है। उन्होंने कहा कि बिहार मोटर वाहन (संशोधन) नियमावली, 1992 के तहत फैंसी नंबरों का आवंटन ई-ऑक्शन (E-Auction) के जरिए पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है। उन्होंने बताया कि 0001 जैसे प्रीमियम नंबर के लिए निजी वाहन मालिकों को 1 लाख रुपये, जबकि व्यावसायिक वाहनों के लिए 35 हजार रुपये शुल्क देना होता है। इच्छुक वाहन मालिक Vahan Portal के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बिहार में फैंसी नंबर प्लेट का बढ़ता क्रेज यह दिखाता है कि अब वाहन केवल जरूरत नहीं, बल्कि लोगों की पहचान और प्रतिष्ठा का भी हिस्सा बन चुके हैं।
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