योग केंद्र से भगाए गए आरोपी अविनाश-अभिषेक; राम मंदिर चढ़ावे के 5 लाख और रहस्यमयी दान-पात्र बरामद

The CSR Journal Magazine

योग केंद्र से भगाए गए आरोपी अविनाश-अभिषेक, चोरी में राम मंदिर चढ़ावे की रकम बरामद!

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुए बहुचर्चित चढ़ावा चोरी और गबन मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ल और उसके भाई अभिषेक शुक्ल कौशलपुरी के एक योग केंद्र में रहते थे। योग केंद्र में नाम आने के महज़ 12 घंटे के भीतर ही वहां के साधकों ने दोनों भाइयों को केंद्र से बाहर का रास्ता दिखा दिया! अयोध्या पुलिस और ट्रस्ट ने छापेमारी के दौरान इस योग केंद्र से झोला भरकर राम मंदिर के चढ़ावे की बड़ी रकम (लगभग ₹5 लाख नकद) बरामद की है। इसके साथ ही, केंद्र से ‘राम राज्य कोश’ नाम का एक रहस्यमयी दान-पात्र (संदूक) भी बरामद हुआ है जिस पर ऑनलाइन भुगतान के लिए Paytm का QR कोड भी लगा है।

पुलिस की तेजी से चल रही जांच

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस तेजी से जांच कर रही है। आठ आरोपियों को जेल भेजा गया है, जिसमें प्रमुख आरोपी अविनाश शुक्ला भी शामिल है। अविनाश एक योग केंद्र से जुड़ा था, जहां पुलिस ने छापेमारी कर भारी कैश बरामद किया। योगाचार्य सीमा तिवारी ने इस पर कड़ी सजा की मांग की है। चढ़ावा चोरी की घटना ने शहर में हलचल पैदा कर दी है।

छापेमारी के बाद का हाल

बताया जा रहा है कि 5 जून को चढ़ावा चोरी की पहली कड़ी खुलते ही श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के निर्देश पर पुलिस ने योग केंद्र पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान यहां से बड़े पैमाने पर कैश बरामद हुआ। आरोपियों में अविनाश का भाई अभिषेक भी शामिल था, जिसने उसे योग केंद्र में लाया था।

आवासीय प्रखंड को किया गया खाली

जब इसकी जानकारी साधकों को मिली, तो पुलिस ने अविनाश के भाई अभिषेक को वहां से निकालकर उसके आवासीय प्रखंड पर ताला जड़ दिया। अभिषेक अन्य स्थान पर चला गया। अविनाश के जेल जाने के बाद, अभिषेक को भी पुलिस ने दो दिन पहले योग केंद्र से उठाया और उसकी जांच की। आरोप है कि अविनाश की नौकरी मार्च में लगी थी।

योगाचार्य की नाराजगी

योगाचार्य सीमा तिवारी ने कहा कि यह एक आदमी का काम नहीं हो सकता, इसमें अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि अविनाश की गतिविधियों से केंद्र की बदनामी हुई है। उनका कहना है कि अगर उन्हें इस चोरी का पहले से पता होता, तो वे उसे कभी भी केंद्र से बाहर निकाल देते।

अविनाश की पूछताछ

पुलिस टीम ने जिला कारागार में अविनाश शुक्ला से करीब दो घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान चढ़ावे की रकम के इस्तेमाल, संपत्तियों और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी जुटाई गई। इस पूछताछ में आरोपी के बयान का दस्तावेजी और डिजिटल सबूतों से मिलान किया जा रहा है।

गिरफ्तारियां और रिकवरी

विशेष जांच दल (SIT) की जांच के अंतर्गत अब तक करीब ₹79.85 लाख बरामद किए जा चुके हैं। अविनाश समेत 8 आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी अविनाश ने कबूल किया है कि वह करोड़ों रुपये का गबन कर चुका था और चोरी के पैसों को मंदिर से बाहर निकालने से पहले कुछ समय के लिए वॉशरूम में छिपाता था।

बरामदगी की टाइमलाइन

पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया था कि एफआईआर (FIR) दर्ज होने से पहले ही ट्रस्ट ने 5 जून को अविनाश के ठिकाने से ₹58 लाख की नकद धनराशि बरामद कर ली थी। विवाद गहराने के बाद मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय  और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।

योग केंद्र की स्थिति पर सवाल

योगाचार्य ने कहा कि उनके केंद्र में सभी साधक हैं और यह किसी की निजी प्रॉपर्टी नहीं है। अविनाश के लंबे समय तक साथ रहने के बावजूद, उन्होंने कभी उसके व्यवहार को गंभीरता से नहीं लिया। अब इस मामले में पुलिस की सक्रियता से नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। योगेंद्र घर की सुरक्षा और साधकों की भावनाओं को लेकर गहरी चिंता दिखाई दे रही है।

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