नागपुर बनेगा वैश्विक परिवहन सहयोग का केंद्र, 9 जुलाई से तीसरी BRICS Transport Working Group बैठक
भारत की अध्यक्षता में वर्ष 2026 के दौरान आयोजित हो रहे विभिन्न ब्रिक्स कार्यक्रमों की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव आने वाला है। भारत 9 से 12 जुलाई 2026 तक महाराष्ट्र के नागपुर में तीसरी ब्रिक्स ट्रांसपोर्ट वर्किंग ग्रुप (BRICS Transport Working Group) की बैठक की मेजबानी करेगा। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारी, परिवहन विशेषज्ञ, नीति-निर्माता तथा तकनीकी प्रतिनिधि भाग लेकर परिवहन क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने पर विचार-विमर्श करेंगे। यह बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत आयोजित की जा रही है, जिसका मुख्य विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखा गया है।
सतत गतिशीलता की दिशा में बड़ा कदम
बैठक से ठीक सात दिन पहले भारत सरकार और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसकी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। नागपुर को इस आयोजन के लिए इसलिए चुना गया है क्योंकि यह देश के सबसे महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स एवं सड़क संपर्क केंद्रों में से एक माना जाता है। मध्य भारत में स्थित होने के कारण यह शहर राष्ट्रीय राजमार्गों, मल्टी-मॉडल परिवहन तथा उभरते लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
BRICS 2026: नागपुर में जुटेंगे 11 देशों के प्रतिनिधि
ब्रिक्स (BRICS) आज विश्व की सबसे प्रभावशाली उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। वर्ष 2026 में इसमें ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया और सऊदी अरब सहित 11 सदस्य देश शामिल हैं। ये देश विश्व की लगभग आधी आबादी और वैश्विक अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में परिवहन क्षेत्र में इन देशों का सहयोग वैश्विक व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
हरित परिवहन और स्मार्ट मोबिलिटी पर BRICS देशों का फोकस
नागपुर में होने वाली इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षित, टिकाऊ, स्मार्ट और भविष्य उन्मुख परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए सहयोग बढ़ाना है। बैठक में सड़क परिवहन, रेल, बंदरगाह, हवाई संपर्क, लॉजिस्टिक्स, हरित परिवहन, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तथा मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रतिनिधि इस बात पर भी विचार करेंगे कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच परिवहन अवसंरचना को अधिक लचीला (Resilient) कैसे बनाया जाए तथा कम कार्बन उत्सर्जन वाली परिवहन प्रणालियों को किस प्रकार बढ़ावा दिया जाए।
भारत की प्राथमिकताएँ
भारत अपनी अध्यक्षता के दौरान परिवहन क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं को आगे बढ़ा रहा है। इनमें शामिल हैं—
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सतत एवं हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा।
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इलेक्ट्रिक वाहनों और स्वच्छ ईंधन के उपयोग में सहयोग।
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डिजिटल तकनीक आधारित स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम।
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सीमा-पार व्यापार और लॉजिस्टिक्स को सरल बनाना।
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सड़क सुरक्षा तथा दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सर्वोत्तम वैश्विक अनुभवों का आदान-प्रदान।
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आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को अधिक मजबूत और लचीला बनाना।
भारत का मानना है कि बेहतर परिवहन संपर्क न केवल व्यापार को गति देगा बल्कि सदस्य देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सहयोग भी मजबूत करेगा।
पहले हो चुकी हैं तैयारी बैठकें
मुख्य बैठक से पहले भारत की अध्यक्षता में कई वर्चुअल एवं तैयारी बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों में एजेंडा तय किया गया तथा सदस्य देशों के बीच विभिन्न प्रस्तावों पर प्रारंभिक चर्चा हुई। अब नागपुर में होने वाली बैठक में इन्हीं विषयों पर अंतिम स्तर की तकनीकी चर्चा होने की संभावना है।
नागपुर को मिलेगा वैश्विक मंच
इस आयोजन से नागपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधियों के आगमन से स्थानीय पर्यटन, आतिथ्य उद्योग, परिवहन सेवाओं और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही भारत को अपनी आधुनिक सड़क अवसंरचना, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स सुधार और डिजिटल परिवहन पहलों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
वैश्विक सहयोग को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 महामारी और वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों के बाद सुरक्षित एवं विश्वसनीय परिवहन नेटवर्क की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ऐसे समय में ब्रिक्स देशों का यह मंच सदस्य राष्ट्रों को साझा चुनौतियों के समाधान, नई तकनीकों के आदान-प्रदान और भविष्य की परिवहन नीतियों पर समन्वय स्थापित करने का अवसर प्रदान करेगा।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का महत्व
वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान कृषि, ऊर्जा, शहरीकरण, पर्यटन, दूरसंचार, महिला सशक्तिकरण और अन्य क्षेत्रों में भी अनेक कार्यसमूहों एवं मंत्रिस्तरीय बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। नागपुर में होने वाली तीसरी ब्रिक्स ट्रांसपोर्ट वर्किंग ग्रुप बैठक इसी व्यापक कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता और बहुपक्षीय सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।
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