मालवीय नगर हादसा: होटल अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार ने B&B पॉलिसी की रद्द

The CSR Journal Magazine

मालवीय नगर होटल अग्निकांड: 21 मौतों के बाद बदले नियम, दिल्ली में अब नहीं चलेगी B&B योजना, सभी होटल होंगे सील

दिल्ली सरकार ने मालवीय नगर इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अपनी ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (B&B) नीति को आधिकारिक तौर पर वापस लेने का फैसला किया है। दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने इस बात की पुष्टि की है कि इस योजना के तहत चल रहे सभी प्रतिष्ठानों की व्यापक समीक्षा की जाएगी।

मौत का आमंत्रण: अग्निकांड से उभरी गंभीर सवाल

दिल्ली सरकार ने हाल ही में मालवीय नगर में हुई भीषण आग के बाद बेड एंड ब्रेकफास्ट (BnB) स्कीम को वापस लेने का ऐलान किया। इस दुखद घटना में 21 लोगों की जान चली गई, जिनमें 11 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि इस स्कीम के तहत सभी लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी। यह कदम तब उठाया गया जब पता चला कि फ्लरिश स्टे नामक होटल स्वीकृत क्षमता से चार गुना अधिक कमरे चला रहा था।

क्या है बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम?

बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम का शुभारंभ 2007 में शीला दीक्षित के कार्यकाल में हुआ था। इसका उद्देश्य यात्रियों को घर जैसी सुविधाएं प्रदान करना था। इसको शुरू करने का मकसद था कि लोग पारंपरिक भारतीय घरों में एक परिवार के साथ रह सकते हैं और उन्हें होटल में मिल रही असुरक्षा का सामना ना करना पड़े।

भीषण हादसे ने बदले समीकरण

दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिश स्टे’ (Flourish Stay) नामक B&B होटल को बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत केवल 6 कमरे चलाने का लाइसेंस मिला था, लेकिन मालिक अवैध रूप से 25 कमरे संचालित कर रहा था। इमारत पूरी तरह बंद थी और आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) या वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था नहीं थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने होटल के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है।

कड़ाई से लागू होंगे नियम

कपिल मिश्रा ने यह भी बताया कि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वाले होटल संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई भी बीएनबी के तहत रजिस्टर्ड संपत्ति छह से अधिक कमरे संचालित करते हुए पाई गई, तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। यह कदम इस स्कीम की गंभीरता को और बढ़ाएगा।

सरकार की सख्त जांच और सीलिंग

दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने नियमों का उल्लंघन करने वाली सभी B&B इकाइयों को बिना किसी कारण बताओ नोटिस के तुरंत सील करने के निर्देश दिए हैं। दक्षिण जिला मजिस्ट्रेट (SDM) की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमिटी बनाई गई है। इसमें अग्निशमन विभाग, MCD, बिजली और पर्यटन विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जो दिल्ली भर की सभी पंजीकृत B&B संपत्तियों का ऑडिट करेंगे। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों या नियमों की अनदेखी करने वाले सभी प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिए जाएंगे।

दिल्ली में कितने रजिस्टर्ड हैं?

दिल्ली में बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम के तहत अब तक 432 संपत्तियों के 2,200 से अधिक कमरे रजिस्टर्ड किए गए हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदकों का चयन सरकार द्वारा किया जाता है। इसे रजिस्टर्ड कराने की प्रक्रिया भी बहुत सरल है और यह महज 30 दिनों में पूरा होता है, जबकि पहले यह 90 दिनों में होता था।

स्कीम की फीस और श्रेणियाँ

बीएनबी स्कीम के तहत रजिस्टर्ड कराने के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं। गोल्ड कैटेगरी के लिए 5,000 रुपये और सिल्वर कैटेगरी के लिए 3,000 रुपये की फीस होनी चाहिए। रजिस्ट्रेशन के लिए कुछ विशेष शर्तें भी हैं, जैसे पार्किंग सुविधा, कमरे का आकार, और सुरक्षा।

मकान मालिकों के लिए शर्तें

इस स्कीम में 36 शर्तें होती हैं, जिनमें से एक यह है कि मकान मालिक को भी उसी घर में रहना होगा। किसी भी व्यक्ति को अधिकतम छह कमरे किराए पर देने की अनुमति है। हर कमरे में आवश्यक सुविधाएं जैसे टॉयलेट, इंटरनेट और फोन का होना भी अनिवार्य है।

संशोधनों के पीछे की वजह

इस स्कीम में अब तक दो बार संशोधन किया जा चुका है। पहला संशोधन 2009-10 में और दूसरा 2021 में किया गया। 2021 में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए समय सीमा को घटाकर 30 दिन कर दिया गया था। ये सभी बदलाव यात्रा उद्योग की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं।

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