कांवड़ यात्रा 2026: फ्री बिजली, डायरेक्ट फंड और 72 घंटे में NOC- जानिए सीएम रेखा का पूरा प्लान

The CSR Journal Magazine

कांवड़ यात्रा होगी सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित, क्या है सीएम रेखा का पूरा प्लान?

दिल्ली में कांवड़ यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने उच्च स्तरीय कांवड़ समिति का पुनर्गठन कर दिया है, जिसके अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा को नियुक्त किया गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य हर शिवभक्त को यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाएं, सुरक्षा और सम्मान देना है।

दिल्ली सरकार की तैयारी का आरंभ

दिल्ली सरकार ने आगामी कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर अपनी तैयारियों में तेजी ला दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक उच्च स्तरीय ‘कांवड़ समिति’ का पुनर्गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता कपिल मिश्रा करेंगे। यह समिति शिव भक्तों के लिए एक मान्य, सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने में जुटी है। कांवड़ यात्रा की तारीख भले ही दूर हो, लेकिन सरकार शिव भक्तों की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्पर है।

शिव भक्तों के लिए बेहतर सुविधाएं

सीएम रेखा गुप्ता ने आश्वासन दिया है कि इस बार भी दिल्ली सरकार शिव भक्तों को सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराएगी। कांवड़ शिविरों को विशेष सहायता दी जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कांवड़ समितियों को सीधी वित्तीय सहायता और फ्री बिजली

पिछली सरकारों के समय होने वाली वित्तीय गड़बड़ियों और देरी को खत्म करने के लिए सरकार सहायता राशि सीधे कांवड़ संघ/समितियों के खातों में ट्रांसफर करेगी। इस नीति के तहत शिविर लगाने वाली समितियों को न्यूनतम ₹50,000 से अधिकतम ₹10 लाख तक की सीधी आर्थिक मदद दी जाएगी। सभी पंजीकृत कांवड़ शिविरों में दिल्ली सरकार द्वारा मुफ्त बिजली की व्यवस्था की जाएगी।

‘सिंगल-विंडो सिस्टम’, 72 घंटे में NOC

कांवड़ शिविरों को अनुमति के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सभी जिलों में एकल खिड़की प्रणाली (Single-Window System) लागू की गई है, जिसके तहत महज 72 घंटों में एनओसी (NOC) जारी कर दी जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि पिछले साल दिल्ली में केवल 170 कांवड़ शिविरों को अनुमति मिली थी, जबकि इस साल यह संख्या बढ़कर 374 हो गई है। यह इतिहास में सबसे बड़ी संख्या है और सरकार द्वारा दी गई सरल मंजूरियों का परिणाम है।

शिविरों में ‘मुख्यमंत्री धार्मिक उत्सव समिति’ की सुविधाएं

इस विशेष योजना के तहत सरकार सभी प्रमुख शिविरों में निम्नलिखित सुविधाएं सुनिश्चित करेगी-
चिकित्सा व्यवस्था: डॉक्टरों की तैनाती और चौबीसों घंटे मुफ्त दवाओं के साथ मेडिकल कैंप
स्वच्छता और पानी: वॉटर टैंकरों के माध्यम से साफ पानी, बेहतरीन शौचालय और निरंतर सफाई अभियान
टेंट और बुनियादी ढांचा: शिवभक्तों के विश्राम के लिए उत्तम टेंट और लाइटों की पर्याप्त व्यवस्था

फूल बरसाकर भव्य स्वागत

दिल्ली के बॉर्डर्स पर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 17 से अधिक भव्य स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं, जिनका नाम 12 ज्योतिर्लिंगों और महादेव के नामों पर आधारित होगा। पूरी दिल्ली सरकार, सभी मंत्री, विधायक और जिला मजिस्ट्रेट (DMs) ऑन-ग्राउंड रहकर शिविरों की सुरक्षा व ट्रैफिक प्रबंधन की सीधे निगरानी करेंगे ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान हो सके। पूरी यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे (CCTV) और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को तैनात किया जा रहा है।

कपिल मिश्रा होंगे समिति के अध्यक्ष

कांवड़ समिति में कपिल मिश्रा को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि विधायक अजय महावर, अनिल शर्मा, करनैल सिंह, संजय गोयल और उमंग बजाज को सदस्य बनाया गया है। कपिल मिश्रा का कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारी एकता और संस्कृति का प्रतीक है। सावन में दिल्ली की सड़कों पर उमड़ने वाला शिव भक्तों का सैलाब हमारी सांस्कृतिक समरसता को प्रदर्शित करता है।

सीएम का आश्वासन

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कांवड़ व्यवस्थाएं सिर्फ कागजी कामकाज तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि यह सेवा और श्रद्धा का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि हर शिव भक्त को दिल्ली में देव तुल्य सम्मान मिले।

समिति का मुख्य फोकस

कपिल मिश्रा की अध्यक्षता में यह समिति जल्द ही सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। समिति का मुख्य ध्यान रूट मैनेजमेंट, जलरोधक टेंटों की गुणवत्ता, चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता और 24 घंटे निर्बाध बिजली-पानी की आपूर्ति पर होगा। पिछली यात्रा में हुई समस्याओं से सबक लेकर इस बार सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी जाएंगी।

नई आर्थिक नीति का प्रभाव

दिल्ली सरकार ने शिविरों को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुरानी टेंडर प्रथा को समाप्त कर दिया है। अब आर्थिक सहायता सीधे बैंक खातों में दी जाएगी। सरकार ने हर पंजीकृत शिविर को 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और अस्थाई मीटर के सिक्योरिटी डिपॉजिट में 75 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की है।

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