पीएम मोदी का ऐतिहासिक दौरा: स्लोवाकिया में ब्रेड-नमक से हुआ स्वागत

The CSR Journal Magazine
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो देशों के दौरे के दूसरे चरण में रविवार रात 2:18 बजे स्लोवाकिया पहुंचे। यह उनकी स्लोवाकिया की पहली यात्रा है, जहां वह 16 जून तक रहेंगे। उनके स्वागत के लिए राजधानी ब्रातिस्लावा में विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराय ब्लानार ने पारंपरिक रीति से उन्हें ब्रेड और नमक भेंट किया। यह स्लोवाक संस्कृति में मेहमान नवाजी का प्रतीक माना जाता है। पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर वहां मौजूद भारतीयों से भी मुलाकात की।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात

मोदी आज स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से मिलेंगे। भारतीय प्रधानमंत्री हाल ही में फ्रांस के नीस शहर से यहां आए हैं, जहां उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। मोदी का यह दौरा 13 जून से शुरू होकर 17 जून तक चलेगा, जब वह फ्रांस के एवियान में G7 समिट में हिस्सा लेंगे।

स्लोवाकिया में भारतीयों की संख्या

स्लोवाकिया में 9,200 से ज्यादा भारतीय बसे हुए हैं, जो आईटी सेवाओं, डेवलपमेंट सेंटर्स और तकनीकी क्षेत्रों में कार्यरत हैं। शेंगेन देश होने के कारण, भारतीयों को एक ही वीजा पर 26 यूरोपीय देशों में यात्रा करने की सुविधा है।

भारत और फ्रांस के बीच बड़े समझौते

रविवार को, पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें 13 बड़े समझौते किए गए। इन समझौतों में रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, स्पेस और शिक्षा शामिल हैं। दोनों देशों के बीच अगले 5 वर्षों में व्यापार को दोगुना करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह बैठक भारत के लिए महत्वपूर्ण है, जहां ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा दिया जाएगा।

एआई की नई दिशा

भारत और फ्रांस मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ओपन सोर्स मॉडल विकसित करने की योजना बना रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत, जो पहले तकनीकी रूप से दूसरों पर निर्भर था, अब एक समाधान प्रदाता बन चुका है। वहीं, राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत की इंजीनियरिंग क्षमता की सराहना की।

G7 समिट में भारत की भूमिका

भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन इसे विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया जाता है। पीएम मोदी को फ्रांस में आयोजित G7 समिट में आमंत्रित किए जाने की संभावना है। पिछले वर्षों में, भारत G7 समिट्स में हिस्सा ले चुका है और उसने वैश्विक मुद्दों पर अपनी स्थिति को स्पष्ट किया है।

फ्रांस का भारत के प्रति समर्थन

फ्रांस, अमेरिका समेत कई बड़े देशों के बावजूद, हमेशा भारत का समर्थन करता रहा है। पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद, जबकि अन्य देशों ने भारत पर प्रतिबंध लगाए, फ्रांस ने भारत को हथियार बेचकर उसका साथ दिया।

G7 की चर्चा और एजेंडा

G7 समिट का एजेंडा हमेशा से वैश्विक मुद्दों पर केंद्रित रहता है। इस बार के समिट में विश्व राजनीति, आर्थिक सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। G7 के देशों के नेता आपसी संवाद को बढ़ाने के प्रयास में लगे हैं।

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