बिश्नोई गैंग पर अमेरिकी शिकंजा: जेल से अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट चलाने का पर्दाफाश, 24 गिरफ्तार

The CSR Journal Magazine

अमेरिकी एजेंसियों का बड़ा एक्शन: लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर रैकेटियरिंग, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी के आरोप

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) और FBI ने ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ (Operation Hard Ball) के तहत भारत आधारित तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगियों पर रैकेटियरिंग, जबरन वसूली, और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

भारत से जुड़े संगठित अपराध का बड़ा खुलासा

अमेरिका और कनाडा की जांच एजेंसियों ने हाल ही में ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत एक महत्त्वपूर्ण जांच शुरू की है। इसमें भारत से जुड़े तीन संगठित अपराध गिरोहों के 37 सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह आरोप रैकेटियरिंग, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी से संबंधित हैं। अमेरिकी न्याय विभाग ने इस मामले में तीन अलग-अलग आरोप पत्र दायर किए हैं, जिससे इस गैंग के विस्तार और उसके बिजनेस मॉडल की सत्यता सामने आई है।

गंभीर मुख्य आरोप

अन्तरराष्ट्रीय ऑपरेशन: अमेरिकी और कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 50 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर 24 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कुल 37 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
जेल से नेटवर्क: अमेरिकी प्रॉसिक्यूटर्स के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई (33) भारत की जेल में बंद होने के बावजूद स्मगल किए गए मोबाइल फोन और इंटरनेट का उपयोग करके अमेरिका और कनाडा में हत्या, जबरन वसूली (Extortion) और ड्रग्स तस्करी का रैकेट चला रहा था।
ड्रग्स की बरामदगी: इस कार्रवाई के दौरान एजेंसियों ने लगभग 1,000 किलोग्राम कोकीन, 1 किलोग्राम हेरोइन, हथियार और $40,000 की नकदी जब्त की है। बिश्नोई गैंग पर प्रतिद्वंदी गैंग्स से ड्रग्स लूटने और कैलिफोर्निया के रास्ते कनाडा ड्रग्स भेजने का आरोप है।
हाई-प्रोफाइल हत्या का आरोप: अमेरिकी अभियोग (Indictment) में दावा किया गया है कि बिश्नोई और उसके कनाडाई लेफ्टिनेंट गोल्डी बराड़ ने जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश दिया था। आरोप है कि बिश्नोई ने जेल से ही निज्जर की तस्वीरें और पते शूटरों तक पहुंचाए थे।
सरकारी संलिप्तता नहीं: कनाडाई पुलिस (RCMP) और अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस जांच में इन आपराधिक घटनाओं के पीछे भारत सरकार या उसके अधिकारियों का कोई लिंक या संलिप्तता नहीं पाई गई है और भारत सरकार ने इस जांच में सहयोग किया है।

गैंग की संरचना और रणनीतियों का रहस्य

इस मामले में साझा की गई जानकारी से पता चलता है कि बिश्नोई गैंग ने कैसे एक छोटे स्तर के संगठित अपराध से शुरू होकर अब एक अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट का रूप ले लिया है। गैंग के सदस्य न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी अपनी दुनिया बसा चुके हैं। उन सभी के बीच आपस में जुड़ाव और नेटवर्किंग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिससे उनका व्यापारिक मॉडल मजबूत होता जा रहा है।

बैठकें और साजिशें

गैंग के सदस्य नियमित रूप से बैठकें करते हैं, जहां वो नए तरीकों और रणनीतियों पर चर्चा करते हैं। इस दौरान ड्रग्स और जबरन वसूली जैसे अवैध धंधों को बड़े पैमाने पर चलाने की बातें की जाती हैं। ऐसी गतिविधियों ने उन्हें दूसरा मोड़ पर आकर एक आधुनिक तरीके से अपराध करने का मौका दिया है।

अन्य सिंडिकेट्स पर कार्रवाई

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अलावा दो अन्य भारत-लिंक्ड नेटवर्कों को भी निशाना बनाया गया है-
जग्गू भगवानपुरिया गैंग: भारत की जेल से संचालित इस प्रतिद्वंद्वी गैंग पर भी जबरन वसूली और लॉस एंजिल्स में ड्रग ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क चलाने के आरोप हैं।
रविंदर सिंह ढांडा ग्रुप: वैंकूवर के इस ग्रुप पर कमर्शियल ट्रकों के जरिए अमेरिका से कनाडा में हर हफ्ते भारी मात्रा में कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी का आरोप है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग का असर

अमेरिकी और कनाडाई जांच एजेंसियों का यह संयुक्त प्रयास इस बात का प्रमाण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है। बिश्नोई गैंग जैसे गिरोहों को रोकने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों का सहयोग बेहद जरूरी है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि कानून से कितने भी ऊपर क्यों न जाएं, अंततः चिकना रास्ता नहीं मिलता।

डर और दहशत का व्यापार

बिश्नोई गैंग ने डर को एक व्यापारिक हथियार बना लिया है। यह गिरोह न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपने प्रभाव का विस्तार कर रहा है। उनके द्वारा इस्तेमाल की जा रही तकनीकें और रणनीतियाँ आज की दुनिया का एक नया दृष्टिकोण पेश करती हैं, जिससे संगठित अपराध अधिक व्यावसायिक बन गया है।

कड़ी कार्यवाई की संभावना

अमेरिकी न्याय विभाग के इस कदम से बिश्नोई गैंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, यह केवल शुरुआत है। अपराध की इस बड़े नेटवर्क को खत्म करने के लिए और भी प्रयास करने की आवश्यकता है। केवल कानूनी कदम उठाने से ही इस समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके पीछे की मूलभूत वजहों को भी समझना होगा।

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