UP में वक्फ संपत्तियों पर सख्ती, 31 हजार से ज्यादा का रजिस्ट्रेशन रद्द
उत्तर प्रदेश में डिजिटलाइजेशन और जांच अभियान के तहत केंद्र सरकार के उम्मीद (UMEED) पोर्टल पर 31,328 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। दस्तावेजों में गंभीर त्रुटियां, अधूरी जानकारी और तकनीकी खामियों के कारण उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और शिया वक्फ बोर्ड द्वारा यह सख्त कार्रवाई की गई है।
कब्रिस्तान और दरगाह पर संकट
उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। वक्फ ट्रिब्यूनल ने ‘उम्मीद’ पोर्टल के माध्यम से 31,328 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। ये रद्द की गई संपत्तियां कब्रिस्तान और दरगाहों से जुड़ी हो सकती हैं। वक्फ बोर्ड की तरफ से यह जानकारी मिली है कि संपत्तियों के दस्तावेजों में कई प्रकार की खामियां पाई गई हैं। जिन संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द हुआ है, उनमें जौनपुर, बाराबंकी और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में सबसे अधिक संख्या है।
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और समय सीमा
शुरुआत में संपत्तियों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 6 महीने का समय दिया गया था। लेकिन, वक्फ बोर्ड की अपील पर यह अवधि बढ़ा दी गई थी। यह अतिरिक्त समय 5 जून को समाप्त होने जा रहा है। अब तक 1,18,302 संपत्तियों में से केवल 53,711 संपत्तियों को ही स्वीकृति मिल पाई है। 20,546 संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच अंतिम चरण में है।
समस्याएं जो रद्द होने की वजह बनीं
रद्द किए गए मामलों में कई समस्याएं सामने आई हैं, जैसे कि खसरा नंबर का मेल ना खाना, रकबा में भारी अंतर होना, और संपत्ति का अलग-अलग वक्फ बोर्ड में दर्ज होना। इसके अलावा, दस्तावेजों में कई तकनीकी गलतियां पाई गई हैं। इन कारणों से प्रदेश के कई जिलों में रजिस्ट्रेशन रद्द किए गए हैं। जौनपुर में 1,938 संपत्तियों और बाराबंकी में 1,521 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द हुआ है।
सुधार के लिए अंतिम मौका
वक्फ बोर्ड प्रशासन ने साफ किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह स्थायी नहीं है। जिन मुतवलियों (प्रबंधकों) या संस्थानों के पंजीकरण निरस्त हुए हैं, उन्हें 5 जून 2026 तक सही दस्तावेजों के साथ दोबारा आवेदन करने का मौका मिला है। उम्मीद पोर्टल पर सही और सत्यापित डेटा अपलोड करने की आखिरी तारीख 6 जून 2026 तय की गई है। इसके बाद किसी भी त्रुटि वाली संपत्ति को वक्फ रिकॉर्ड में जगह नहीं मिल पाएगी।
वक्फ बोर्ड की योजना
जिला स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए वक्फ बोर्ड ने मुतवल्लियों को निर्देश दिए हैं कि वे 5 जून तक सही दस्तावेजों के साथ अपनी संपत्ति फिर से अपलोड करें। यदि इस दौरान कोई कमी दूर नहीं हुई तो संबंधित संपत्तियां पोर्टल से बाहर होंगी। वक्फ बोर्ड के अधिकारी उम्मीद जताते हैं कि मुतवल्लियों के पास अभी भी समय है।
उम्मीद पोर्टल का महत्व
उत्तर प्रदेश में 1.26 लाख से अधिक वक्फ संस्थान हैं और यह पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार के ‘उम्मीद’ पोर्टल के माध्यम से चल रही है। यह पोर्टल वक्फ संपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और उनके प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया था। रजिस्ट्रेशन कराना वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत अनिवार्य कर दिया गया है, जो 5 अप्रैल को लागू हुआ था। ऐसे में, सभी मुतवल्लियों को इस प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक हो गया है।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

