दिल्ली कोर्ट ने ताहिर हुसैन को 2020 के दंगों में हत्या का दोषी करार दिया, छलके आँखों से आँसू

The CSR Journal Magazine
दिल्ली के पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया है। कोर्ट का फैसला सुनते ही ताहिर हुसैन की आँखों में आँसू आ गए। उन्होंने कहा कि उन्हें इंसाफ नहीं मिला। जब हुसैन कोर्ट से बाहर आए, तो उन्होंने फफककर कहा कि उनका हृदय छलनी हो गया है। हुसैन को धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने और दंगा करने के आरोप में भी दोषी पाया गया। हालांकि, कोर्ट ने आपराधिक साजिश के आरोप को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं पाए।

अंकित शर्मा के परिवार की प्रतिक्रिया

अंकित शर्मा के परिवार ने कोर्ट के निर्णय के बाद गहरी निराशा व्यक्त की है। उनके भाई ने कहा कि इस फैसले ने उन्हें उस क्षण की याद दिला दी जब उन्हें पहली बार अंकित की मौत की सूचना मिली थी। उन्होंने कहा, “दुख और गुस्सा है, लेकिन एक ऐसा खालीपन है जिसे भरना संभव नहीं है। हमने अपने परिवार का एक मजबूत सहारा खो दिया और कोई भी फैसला उसे वापस नहीं ला सकता।”

परिवार की जिंदगी में बदलाव

अंकित शर्मा के परिवार ने घटना के बाद अपनी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। उन्होंने दिल्ली छोड़कर उत्तर प्रदेश में रहने का फैसला किया क्योंकि उन्हें वहां कभी सुरक्षित महसूस नहीं हुआ। परिवार के सदस्यों ने बताया कि घटना के कुछ ही महीनों के भीतर वे दिल्ली छोड़ गए। उन्होंने कहा, “जो हुआ था, उसके बाद हमें वहां रहने में कोई सुरक्षा का एहसास नहीं हो रहा था। अब हम उत्तर प्रदेश में किराए के मकान में रहते हैं। हमारी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है और डर का एहसास कभी खत्म नहीं होता।”

ताहिर हुसैन की राजनीतिक पृष्ठभूमि

ताहिर हुसैन उस समय आम आदमी पार्टी के पार्षद थे जब यह घटना हुई। लेकिन जब उनका नाम मामले में आया, तो पार्टी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। कोर्ट ने हुसैन के अलावा नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को भी दोषी ठहराया। हालाँकि, सभी को हत्या के आरोप में दोषी नहीं पाया गया।

फैसला सुनते ही कोर्ट में मच गया हड़कंप

कोर्ट ने जब फैसला सुनाया, तो वहाँ मौजूद सभी लोगों के लिए यह एक बड़ा मोड़ था। जैसे ही जज ने फैसला सुनाया, ताहिर हुसैन का चहरा एकदम बदल गया। कई लोग भावुक हो गए और कुछ ने तो अपनी आँखों में आँसू भी देखे। यह मामला न केवल ताहिर के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण घटना बन गया है।

न्याय का सवाल

ताहिर हुसैन ने अपने बयान में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि न्याय मिला है। जबकि कोर्ट ने कुछ आरोपियों को बरी कर दिया और कुछ को दोषी ठहराया, यह सवाल उठता है कि क्या इस फैसले से समुदाय में चल रही असुरक्षा को खत्म किया जा सकेगा।

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