राहुल गांधी का आकांक्षा चतुर्वेदी की मां से संवेदनशील संवाद: “आपने कर्ज लेकर पढ़ाया”

The CSR Journal Magazine
मध्य प्रदेश के मऊगंज की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने NEET पेपर लीक की वजह से आत्महत्या कर ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को आकांक्षा की मां से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत का वीडियो आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने सोशल मीडिया पर शेयर किया। राहुल ने कहा, “मैं आपकी सहायता कर सकता हूं, बताइए क्या कर सकता हूं?” आकांक्षा की मां ने दुख भरे स्वर में कहा कि वह खुद देश की रक्षा कर रहे हैं और उनका नुकसान कभी नहीं लौटेगा।

इमोशनल सपोर्ट का महत्व

राहुल गांधी ने किसी भी तरह की मदद की पेशकश की, और आकांक्षा की मां ने उन्हें बताया कि उनकी बेटी की मेहनत पर विश्वास था। उन्होंने कहा, “मेरा एक ही सहारा था, और अब वह चला गया।” आकांक्षा ने अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने के लिए कठिन मेहनत की थी लेकिन NEET परीक्षा के पेपर लीक ने उसके सपने को बर्बाद कर दिया।

आकांक्षा का संघर्ष

18 साल की आकांक्षा एक साधारण किसान परिवार से थी। उसके पिता, कृष्ण कुमार चतुर्वेदी, ने उसे डॉक्टर बनाने के लिए 3 लाख रुपए का कर्ज लिया। गरीबी और पारिवारिक मुश्किलों के बावजूद, आकांक्षा ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के लिए कठिन मेहनत की। वह अपनी परीक्षा के बाद बहुत खुश थी, लेकिन बाद में पेपर लीक ने उसे गंभीर तनाव में डाल दिया।

मानसिक स्वास्थ्य की महत्वपूर्णता

पेपर लीक और परीक्षा में धांधली की वजह से आकांक्षा को जबर्दस्त मानसिक सदमा लगा। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि उसकी मेहनत व्यर्थ हो गई और वह दोबारा NEET परीक्षा देने की हिम्मत नहीं रखती। उसने मां-बाप से माफी मांगते हुए कहा कि उसने उन्हें बर्बाद कर दिया। यह पत्र उसके गहरे दुःख और मानसिक दबाव को दर्शाता है।

दुखद घटना की प्रतिक्रिया

आकांक्षा द्वारा अपनी जान देने के बाद सुसाइड नोट में उसने लिखा, “मम्मी-पापा, आपको मुझ पर पूरा भरोसा था लेकिन अब मैं आपको निराश कर चुकी हूं।” यह घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। देश में शिक्षा प्रणाली, मानसिक स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

परिवार का दर्द

आकांक्षा का परिवार नागपुर में रहता था। उसके पिता पहले से दिल की बीमारी से ग्रस्त थे, जो उनकी आर्थिक स्थिति में और कमी लाते थे। आकांक्षा की तुलना में उसका छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। परिवार की सारी उम्मीदें आकांक्षा पर टिकी थीं, और उसकी आत्महत्या ने सभी को तोड़ कर रख दिया।

NEET पेपर लीक का प्रभाव

आकांक्षा की आत्महत्याएं एक गंभीर मुद्दे की ओर इंगित करती हैं। NEET परीक्षा में धांधली और पेपर लीक ने न केवल आकांक्षा, बल्कि कई छात्रों के भविष्य को भी संकट में डाल दिया। देश में शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर अब खुलकर चर्चा हो रही है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos