Punjab Congress में घमासान, 15 विधायकों ने राहुल गांधी से मांगा समय

The CSR Journal Magazine
पंजाब कांग्रेस में इन दिनों तनाव का माहौल है। चन्नी और वड़िंग के बीच विवाद के बाद, अब प्रताप सिंह बाजवा ने नयी सियासी चाल चली है। चंडीगढ़ में 15 कांग्रेस विधायकों के साथ एक गुप्त बैठक रखी गई, जहां विधायकों ने राहुल गांधी से मिलने का फैसला लिया। विधायकों ने एक पत्र लिखकर राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा है, ताकि वे पंजाब कांग्रेस की मौजूदा स्थिति और नेताओं के बीच चल रहे विवाद पर अपने विचार रख सकें। इस घटनाक्रम को पार्टी की आंतरिक राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भूपेश बघेल का पंजाब दौरा

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने हाल ही में चंडीगढ़ का दौरा किया। प्रताप सिंह बाजवा के सरकारी आवास पर बैठक के दौरान, राजा वड़िंग और चन्नी गुट के बागी नेता शामिल नहीं हो पाए। बघेल ने पहले दिन से ही कहा था कि वे पार्टी के नाराज नेताओं और हाईकमान के बीच एक पुल का काम करेंगे। लेकिन अब चर्चा है कि बाजवा खुद एक नए गुट के रूप में सक्रिय हो गए हैं। इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

नेताओं की चिंताएं और सामंजस्य बनाने की कोशिशें

बरनाला के विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने बताया कि पंजाब कांग्रेस के नेताओं की राहुल गांधी से काफी समय से मुलाकात नहीं हुई है। विधायकों की राय थी कि मौजूदा हालात को लेकर उन्हें राहुल गांधी से ज़रूर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी विधायक चाहते हैं कि आपसी मनमुटाव दूर हों और पार्टी फिर से एकजुट होकर आगे बढ़े। इस बैठक में विधायकों ने अपनी-अपनी राय रखी और इसके बाद, राहुल गांधी को पत्र लिखने का निर्णय लिया गया।

पार्टी में गुटबाजी का बढ़ता असर

पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी को रोकने के लिए भूपेश बघेल की कोशिशें फिलहाल नाकाम साबित हुई हैं। उन्होंने पिछले नौ दिनों में 18 रैलियाँ और बैठकें कीं, लेकिन परिणाम संतोषजनक नहीं रहा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कांग्रेस के नेता अपने विवादों में ही उलझे रहे, जबकि बघेल केवल इंतज़ार करते रहे कि स्थिति में सुधार होगा। अब पार्टी के अंदर की इस गुटबाजी के कारण सियासत में नया मोड़ आ सकता है।

रविवार को होने वाली संभावित बैठक

कहा जा रहा है कि आने वाले रविवार को होने वाली बैठक पार्टी के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इस बैठक में विधायक अपनी चिंताओं को सीधे राहुल गांधी के सामने रख सकेंगे। इस मौके पर सभी नेताओं को एक मंच पर लाने और पार्टी में एकजुटता का प्रयास किया जाएगा।

नेताओं के मनमुटाव के पीछे की वजहें

पंजाब कांग्रेस में नेताओं के बीच मनमुटाव की कई वजहें हैं। एक तो अलग-अलग गुटों के नेतृत्व में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और दूसरी तरफ खुद को बचाने की कोशिशें। मौजूदा स्थिति में, विधायक चाहते हैं कि राहुल गांधी इस चिकन गोटी के खेल में हस्तक्षेप करें ताकि आम जनता के बीच पार्टी की छवि बेहतर बनाई जा सके।

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