पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, आम जनता पर बोझ बढ़ा

The CSR Journal Magazine
देश में मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी एक हफ्ते के अंदर दूसरी बार हुई है। पिछले शुक्रवार को भी ईंधन के दामों में 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा हुआ था। ऐसे समय में जब आम आदमी आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा है, यह बढ़ोतरी इनकी मुसीबतों को और बढ़ा सकती है।

क्यों बढ़े दाम? जानिए मुख्य वजहें

इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के चलते क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर से अब 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गए हैं। इससे तेल कंपनियों पर दबाव बना है, और कंपनियों को घाटे की भरपाई के लिए दाम बढ़ाने का कदम उठाना पड़ा है।

पड़ोसी देशों में भी कीमतें बढ़ी

भारत सरकार ने पहले यह तर्क दिया था कि पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। इस कारण पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में प्याज, अनाज और अन्य चीजों के दामों में बढ़ोतरी हुई है। अब भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से आम जनजीवन प्रभावित होगा।

पिछले वर्ष स्थिर दामों के बाद बढ़ोतरी

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पिछले मार्च 2024 से स्थिर थीं। लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने जनता को राहत देते हुए कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती की थी। हालाँकि, इस स्थिति में परिवर्तन होते हुए दिखाई दे रहा है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल کی कीमतों में तेजी जारी है।

तेल कंपनियों को हो रहा नुकसान

सरकार के अनुसार, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियाँ कच्चे तेल की ऊँची कीमतों के कारण गंभीर नुकसान का सामना कर रही हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी ने बताया कि इन कंपनियों को हर महीने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर लगभग ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है।

सरकार की एक्साइज ड्यूटी में कटौती

इससे पहले, सरकार ने पेट्रोल और डीजल कीमतों को स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती की थी। अब पेट्रोल पर ड्यूटी ₹3 प्रति लीटर और डीजल के लिए शून्य कर दी गई थी, जिससे इनकी बिक्री पर कुछ राहत मिली। लेकिन हाल की बढ़ोतरी ने फिर से स्थिति को बदल दिया है।

प्रधानमंत्री का सुझाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में एक कार्यक्रम के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग सिर्फ आवश्यकतानुसार करना चाहिए, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। इस समय हर नागरिक को सोच-समझकर ईंधन का उपयोग करना चाहिए और इसे सहेजना चाहिए।

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