AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने 24 सितंबर 2025 को सीमांचल क्षेत्र में आयोजित रैली और भाषण के दौरान ‘I Love Muhammad’ विवाद और वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की।
‘I Love Muhammad’ विवाद
हाल ही में कानपुर में आयोजित धार्मिक जुलूस के दौरान कुछ लोगों ने ‘I Love Muhammad’ का बैनर लगाया। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 मुसलमानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी, जिससे पूरे देश में विरोध और चर्चा फैल गई।
ओवैसी ने इस मुद्दे पर कहा कि पैगंबर मोहम्मद के प्रति प्रेम व्यक्त करना मुसलमानों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं और अभिव्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए।इस विवाद के कारण उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने FIR वापस लेने और धार्मिक भेदभाव रोकने की मांग की।
वक्फ अधिनियम पर ओवैसी की प्रतिक्रिया
असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 पर भी तीखी टिप्पणी की। उनका कहना है कि यह अधिनियम वक्फ संपत्तियों और संस्थानों की स्वायत्तता को प्रभावित कर सकता है।ओवैसी ने कहा कि सरकार के द्वारा इस अधिनियम के जरिए वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण बढ़ सकता है।जिससे वक्फ निधियों का सही उपयोग नहीं हो पाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कदम मुस्लिम समुदाय के धार्मिक अधिकारों के लिए हानिकारक हो सकता है।
ओवैसी का संदेश और अपील
ओवैसी ने अपने भाषण में मुसलमानों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि पैगंबर मोहम्मद से प्रेम व्यक्त करने और धार्मिक संपत्तियों के प्रबंधन का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए।उन्होंने समुदाय से आग्रह किया कि ऐसी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं, जो उनके धार्मिक और संवैधानिक अधिकारों के लिए खतरा हों।ओवैसी ने यह भी संकेत दिया कि AIMIM अन्य दलों के साथ गठबंधन के लिए तैयार है, लेकिन मुस्लिमों के हितों की अनदेखी किसी भी राजनीतिक फैसले में स्वीकार्य नहीं होगी।
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