कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को मिलेगा नया संबल, एनसीडब्ल्यू ने जारी की POSH Act जांच प्रक्रिया हैंडबुक
कार्यस्थलों पर महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभाव-मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए POSH (Prevention of Sexual Harassment) Act, 2013 के तहत गठित आंतरिक समिति (Internal Committee-IC)तथा स्थानीय समिति (Local Committee-LC) के लिए “Handbook on Inquiry Procedure”जारी की है। यह हैंडबुक यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों की जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, समयबद्ध और कानूनसम्मत बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। यह पुस्तिका राष्ट्रीय महिला आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।
Workplace Safety की सख्त जरूरत
यह हैंडबुक ऐसे समय में जारी की गई है जब देशभर में सरकारी और निजी संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा तथा POSH कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दस्तावेज संस्थानों, कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों तथा अन्य कार्यस्थलों में शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और एकरूप बनाएगा।
POSH अधिनियम क्या है?
POSH Act, 2013 यानी कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण कानून है। यह अधिनियम सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वर्ष 1997 में दिए गए विशाखा दिशा-निर्देशों के आधार पर बनाया गया था और 9 दिसंबर 2013 से पूरे देश में लागू है। इसका उद्देश्य प्रत्येक महिला को भयमुक्त, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल उपलब्ध कराना है।
हैंडबुक जारी करने का उद्देश्य
राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा तैयार यह नई हैंडबुक मुख्य रूप से उन आंतरिक समितियों (IC) और स्थानीय समितियों (LC) के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है, जो कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच करती हैं। इसका उद्देश्य है जांच प्रक्रिया में एकरूपता लाना, प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) के सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित करना, शिकायतकर्ता और उत्तरदाता दोनों के अधिकारों की रक्षा करना, गोपनीयता बनाए रखना, निर्धारित समयसीमा के भीतर निष्पक्ष जांच पूरी करना और समिति के सदस्यों को कानूनी प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी देना।
दो दिवसीय राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रम में हुआ विमोचन
इस हैंडबुक का विमोचन नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय महिला आयोग के दो दिवसीय राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, न्यायिक विशेषज्ञ, आंतरिक समितियों के सदस्य, स्थानीय समितियों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, उद्योग जगत तथा नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
अन्नपूर्णा देवी ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास (Women-led Development) के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल अत्यंत आवश्यक हैं। प्रत्येक महिला को बिना किसी भय के गरिमा के साथ काम करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नियोक्ता, संस्था और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बदलते कार्यस्थलों और डिजिटल कार्य संस्कृति के कारण नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। ऐसे में शिकायतों की निष्पक्ष जांच, गोपनीयता की रक्षा और समयबद्ध कार्रवाई पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
SHe-Box पोर्टल पर भी दिया गया जोर
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने SHe-Box (Sexual Harassment electronic Box) पोर्टल की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल मंच महिलाओं की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और कार्यस्थलों पर जवाबदेही बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
आंतरिक समिति (IC) क्या होती है?
POSH कानून के अनुसार जिस संस्थान या कार्यालय में 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हों, वहां आंतरिक समिति (Internal Committee) का गठन अनिवार्य है। इस समिति में सामान्यत एक वरिष्ठ महिला कर्मचारी अध्यक्ष (Presiding Officer) होती हैं। कम से कम दो कर्मचारी सदस्य होते हैं। महिलाओं के अधिकारों या सामाजिक कार्य से जुड़े एक बाहरी सदस्य को शामिल किया जाता है।यह समिति कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच करती है और अपनी रिपोर्ट नियोक्ता को सौंपती है।
स्थानीय समिति (LC) की भूमिका
जहां 10 से कम कर्मचारी हों या शिकायत स्वयं नियोक्ता के विरुद्ध हो, वहां जिला स्तर पर गठित स्थानीय समिति (Local Committee) शिकायतों की सुनवाई करती है। इससे असंगठित क्षेत्र, घरेलू कामगारों तथा छोटे प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिलाओं को भी कानूनी संरक्षण मिलता है।
जांच प्रक्रिया में क्या-क्या होगा?
नई हैंडबुक में जांच के प्रत्येक चरण को विस्तार से समझाया गया है। इसमें शिकायत प्राप्त होने से लेकर जांच रिपोर्ट तैयार करने तक की प्रक्रिया का स्पष्ट विवरण दिया गया है। मुख्य बिंदु हैं, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, प्रारंभिक जांच, दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर, साक्ष्यों का संग्रह, गवाहों के बयान, गोपनीयता बनाए रखने के नियम, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन, निर्धारित समयसीमा के भीतर जांच पूरी करना और अंतिम रिपोर्ट तैयार कर नियोक्ता को सौंपना।
POSH कानून की प्रमुख विशेषताएं
POSH अधिनियम महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान करता है—
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यौन उत्पीड़न की स्पष्ट कानूनी परिभाषा।
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सभी प्रकार के कार्यस्थलों को कानून के दायरे में शामिल करना।
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शिकायतों की गोपनीय जांच।
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90 दिनों के भीतर जांच पूरी करने का प्रावधान।
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जांच रिपोर्ट मिलने के बाद 60 दिनों के भीतर कार्रवाई।
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कर्मचारियों के लिए नियमित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम।
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नियोक्ताओं के लिए स्पष्ट कानूनी जिम्मेदारियां।
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कानून का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर आर्थिक दंड सहित अन्य कार्रवाई का प्रावधान।
संस्थानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह हैंडबुक?
विशेषज्ञों का मानना है कि अनेक संस्थानों में POSH कानून तो लागू है, लेकिन जांच प्रक्रिया को लेकर भ्रम बना रहता है। कई बार समितियां कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं कर पातीं, जिससे शिकायतकर्ता और उत्तरदाता दोनों प्रभावित होते हैं। नई हैंडबुक समिति के सदस्यों को व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करेगी और उन्हें कानून के अनुरूप जांच करने में सहायता देगी। इससे शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वास बढ़ेगा।
महिला सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
राष्ट्रीय महिला आयोग की यह पहल केवल एक पुस्तिका जारी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्यस्थलों पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। जागरूकता, प्रशिक्षण, डिजिटल शिकायत प्रणाली और स्पष्ट जांच प्रक्रिया के माध्यम से महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। यदि सभी सरकारी और निजी संस्थान इस हैंडबुक के दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन करें, तो POSH अधिनियम का उद्देश्य और अधिक प्रभावी ढंग से पूरा होगा तथा देशभर में महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अवसर वाला कार्यस्थल सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
हैंडबुक डाउनलोड करने के लिए: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की आधिकारिक वेबसाइट- https://www.ncw.gov.in/hi/
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