NCERT ने आखिर क्यों बदली ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर? बदलाव पर छिड़ी बड़ी बहस

The CSR Journal Magazine
NCERT की नई किताब ‘मधुरिमा’ में सिंधु घाटी सभ्यता की प्रसिद्ध ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर को बदला गया है। किताब के पहले चैप्टर ‘हिस्ट्री ऑफ आर्ट्स’ में मूर्ति के धड़ को रंग से ढक दिया गया है, जिससे वह कपड़े पहने हुए नजर आती है। इस बदलाव को लेकर शिक्षा जगत में बहस छिड़ गई है। ‘डांसिंग गर्ल’ की यह कांस्य मूर्ति 1926 में मोहनजोदड़ो की खुदाई के दौरान मिली थी और वर्तमान में इसे नेशनल म्यूजियम में रखा गया है।

सेंसरशिप का आरोप, विशेषज्ञों की आवाज उठी

इतिहासकार मिशेल डेनिनो ने इस बदलाव को छात्रों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि मूर्ति का पूरा धड़ ढकना सेंसरशिप है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बदलाव से एक आर्ट पीस का वास्तविक स्वरूप छिप जाता है। डेनिनो का कहना है कि यदि इसी तर्क पर तस्वीर बदली जा रही है, तो क्या छात्रों को राष्ट्रीय संग्रहालय में रखी मूल मूर्ति और अन्य ऐतिहासिक मूर्तियां देखने से भी रोका जाएगा?

NCERT की सफाई, कोई खास वजह नहीं

NCERT के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने इस मामले पर कहा है कि तस्वीर में बदलाव की कोई खास वजह नहीं है। “उन्होंने कहा कि कक्षा 6 की सोशल साइंस किताब में ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर अपने मूल स्वरूप में मौजूद है, और यह हड़प्पा सभ्यता की प्रमुख खोजों में से एक मानी जाती है।

पहले भी हुई थी आपत्ति, इतिहासकारों की चिंताएं बढ़ीं

Historian मिशेल डेनिनो ने पहले भी NCERT द्वारा सिंधु घाटी सभ्यता वाले चैप्टर में ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर पर उठाई गई आपत्ति के बारे में बताया था। उनके अनुसार, कुछ लोगों को चिंता थी कि मूर्ति का नग्न स्वरूप विवाद का कारण बन सकता है। इसके बाद तस्वीर को चैप्टर के शुरुआत से हटाकर अंदर के पन्ने पर रखा गया था, लेकिन मूर्ति को हटाया नहीं गया था।

क्या खुदाई के समय का महत्व समझा जाएगा?

मोहनजोदड़ो और ‘डांसिंग गर्ल’ की कहानी भारतीय इतिहास में एक खास स्थान रखती है। यह मूर्ति उस समय की सांस्कृतिक विविधता और कलात्मकता को दर्शाती है। अब सवाल उठता है कि क्या शिक्षा प्रणाली में ऐसे बदलाव हमारे सोचने के तरीके को प्रभावित करेंगे? क्या हम अपनी इतिहास की असल कहानी को समझ पाएंगे या इस तरह के बदलाव सिर्फ छात्रों को वास्तविकता से दूर कर देंगे?

संस्कृति में बदलावों का सामना

बदलते समय के साथ साथ शिक्षा क्षेत्र में भी कई मुद्दों पर बहस छिड़ गई है। NCERT का यह कदम कई शिक्षाविदों द्वारा उठाए गए सवालों को जन्म देता है, और यह देखने वाली बात होगी कि आगे आने वाले समय में इस मामले पर क्या निर्णय लिया जाएगा।

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