म्यूचुअल फंड का ओवरलैप: ज़्यादा फंड, कम रिटर्न का सच

The CSR Journal Magazine

म्यूचुअल फंड्स: क्या आप 8-10 म्यूचुअल फंड्स में कर रहे हैं निवेश? जानिए इसके जोखिम

8 से 10 म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना पहली नज़र में सुरक्षित लग सकता है, लेकिन असल में यह आपके पोर्टफोलियो में ‘ओवर-डाइवर्सिफिकेशन’ (Over-diversification) या ‘पोर्टफोलियो ओवरलैप’ (Portfolio Overlap) का जोखिम बढ़ा देता है। इसका मतलब है कि अलग-अलग फंड होने के बावजूद, वे सभी अंदरूनी रूप से घूम-फिरकर उन्हीं चुनिंदा कंपनियों के शेयरों को खरीद रहे होते हैं। इससे आपका रिस्क कम नहीं होता, बल्कि रिटर्न औसत (Average) हो जाता है।

अधिक फंड्स का जाल

आजकल कई निवेशक म्यूचुअल फंड्स में पैसा लगाने से पहले ज्यादा नहीं सोचते हैं। वे नया SIP शुरू करते समय बहुत से फंड्स में निवेश कर लेते हैं, जो उनके पोर्टफोलियो का आकार बढ़ा देता है। आपको पता है कि एक ही समय में 8, 10 या यहां तक कि 11-12 SIP हो जाना आम बात है। यह स्थिति निवेशक के लिए संजीवनी के बजाय एक खतरा बन सकती है।

पोर्टफोलियो की समीक्षा करें

आपके पोर्टफोलियो की समीक्षा करने और उसमें सही संतुलन बनाने के लिए यहाँ अलग-अलग स्थितियों के आधार पर रणनीतियाँ दी गई हैं:

यदि आपके अधिकांश फंड एक ही कैटेगरी के हैं

यदि आपके पास 4-5 लार्ज-कैप (Large-cap) या 3-4 स्मॉल-कैप (Small-cap) फंड हैं, तो आप अनजाने में एक ही सेक्टर या कंपनी में बहुत ज़्यादा पैसा लगा रहे हैं। फंड के ‘फैक्ट शीट’ (Fact Sheet) या ऑनलाइन पोर्टफोलियो ओवरलैप टूल का उपयोग करके देखें कि कौन से फंड एक जैसे शेयर रख रहे हैं। एक ही कैटेगरी के केवल 1 या अधिकतम 2 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले फंड को रखें। बाकी फंड्स से पैसा निकालकर उन्हें बंद कर दें।

यदि फंड्स की कैटेगरी अलग है, लेकिन संख्या ज़्यादा है

यदि आपके पास लार्ज, मिड, स्मॉल, फ्लेक्सी-कैप, सेक्टोरल और हाइब्रिड सभी प्रकार के फंड मिक्स हैं, तो भी 10 फंड्स को ट्रैक करना मुश्किल होता है। अपने वित्तीय लक्ष्यों (Financial Goals) और समय (Time Horizon) के साथ फंड्स का मिलान करें। पोर्टफोलियो को सिकोड़कर 4 से 5 कोर (Core) फंड्स पर ले आएं।
उदाहरण ढांचा: 1 फ्लेक्सी-कैप (Flexi-cap), 1 लार्ज-कैप (या इंडेक्स फंड), 1 मिड-कैप (Mid-cap), 1 स्मॉल-कैप (Small-cap) और यदि टैक्स बचाना हो तो 1 ELSS फंड !

ओवरलैपिंग और खर्च अनुपात (Expense Ratio) का असर

ज़्यादा फंड होने का मतलब है कि आप हर फंड के लिए अलग से ‘एक्स्पेंस रेशियो’ (प्रबंधन शुल्क) दे रहे हैं, जो आपके कुल मुनाफे को कम करता है। चेक करें कि कहीं आपके एक्टिव फंड्स का रिटर्न उनके बेंचमार्क इंडेक्स (जैसे Nifty 50) से भी कम तो नहीं है। जो एक्टिव फंड लगातार 1-2 साल से इंडेक्स को मात नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें हटा दें। उनकी जगह एक कम लागत वाला ‘निफ्टी 50 इंडेक्स फंड’ शामिल कर लें।

पोर्टफोलियो को संतुलित (Rebalance) करने के व्यावहारिक कदम

क्रमबद्ध निकास (Systematic Exit): फंड्स से पैसा निकालते समय ‘एग्जिट लोड’ (Exit Load) और ‘शॉर्ट-टर्म/लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स’ (STCG/LTCG) का ध्यान रखें।
एसआईपी (SIP) को रीडायरेक्ट करें: जिन फंड्स को बंद करना है, उनकी SIP तुरंत रोक दें। वह रकम बचे हुए मजबूत फंड्स की SIP में जोड़ दें।
छमाही समीक्षा: साल में कम से कम दो बार अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें ताकि फंड्स की संख्या दोबारा न बढ़े।

एक्सपोजर बढ़ाने का खेल

कई बार निवेशक यह सोचते हैं कि ज्यादा फंड्स में निवेश करने से उनका एक्सपोजर बढ़ जाएगा, लेकिन असलियत में कई फंड्स एक-दूसरे से मिलते-जुलते होते हैं। इससे आपके पोर्टफोलियो का वास्तविक विविधीकरण नहीं होता। इसलिए, यदि आपके फंड्स का लक्ष्य एक ही है, तो आप सिर्फ अपने रिस्क को बढ़ा रहे हैं।

रिटर्न पर प्रभाव

जब विभिन्न फंड्स आपस में एक जैसा प्रदर्शन करते हैं, तो उनका प्रभाव आपके कुल रिटर्न पर पड़ता है। उदाहरण के लिए, यदि आपने पाँच बड़े कैप म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया है और वे सभी एक ही समय में गिरते हैं, तो आपका पोर्टफोलियो इससे बुरी तरह प्रभावित होगा। इसीलिए, जरूरी है कि आपके फंड्स की रणनीति और उद्देश्य भिन्न हों।

कम जाने-अनजाने में खर्च

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि आप अधिकतम फंड्स में पैसा लगा रहे हैं, तो आपको उनकी फीस और खर्चों का भी ध्यान रखना चाहिए। हर फंड का एक अलग खर्च अनुपात होता है, जिसे आपको समझना चाहिए। जब कई फंड्स होते हैं, तो आप बिना सोचे समझे अधिक शुल्क चुकाने का जोखिम उठाते हैं।

क्या है सही संख्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि 3-5 म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना अधिक प्रभावी हो सकता है। इससे आपको अपने पोर्टफोलियो को अच्छी तरह मैनेज करने का अवसर मिलता है। एक सीमित संख्या में फंड्स होना बेहतर है, ताकि आप उनके प्रदर्शन को अच्छी तरह से ट्रैक कर सकें।

क्या करें?

यदि आप ज्यादा SIP के बोझ तले दबे हुए हैं, तो सबसे पहले अपने फंड्स की समीक्षा करें। देखें कि किन फंड्स का प्रदर्शन अच्छा है और कौन से फंड्स आपके पोर्टफोलियो में ज़रूरत से ज्यादा समानता लाते हैं। इसके बाद, अपने म्यूचुअल फंड्स को व्यवस्थित करना शुरू करें।

अंतिम विचार

म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना एक भलाई भरा विकल्प है, लेकिन इसमें सही बैलेंस बनाना आवश्यक है। ज्यादा फंड्स लेने से बचें और बेहतर रणनीति अपनाएं। याद रखें, सबसे महत्वपूर्ण है एक विविधिकृत और जोखिम-प्रबंधित पोर्टफोलियो बनाना।

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