केरल में महिलाओं और ट्रांसजेंडरों को फ्री बस सेवा, सीएम सतीशन ने शुरू की प्रियदर्शनी योजना
केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडरों को KSRTC की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। ‘प्रियदर्शनी योजना’ का उद्घाटन थंपानूर सेंट्रल बस स्टेशन पर सुबह करीब 9:30 बजे किया गया। इस अवसर पर सीएम और अन्य अधिकारियों को महिला चालक द्वारा संचालित बस में सफर कराया गया। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और सार्वजनिक परिवहन पर निर्भरता को कम करने के लिए शुरू की गई है।
महिलाकर्मी संचालित पहली बस यात्रा
उद्घाटन के दौरान पहली बस को पूरी तरह से महिला क्रू (महिला ड्राइवर और महिला कंडक्टर) द्वारा संचालित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री सतीशन और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सचिवालय तक का सफर तय किया। सरकार का मानना है कि इस योजना से महिलाओं के यात्रा खर्च में 15% से 25% तक की कमी आएगी।
फ्री सेवाओं की विस्तृत जानकारी
इस योजना के तहत, महिलाएं और ट्रांसजेंडर लोग KSRTC की सात प्रकार की साधारण सेवाओं में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। इनमें ऑर्डिनरी, सिटी ऑर्डिनरी, लिमिटेड-स्टॉप ऑर्डिनरी, फेयर-स्टेज ऑर्डिनरी, टाउन-टू-टाउन, पॉइंट-टू-पॉइंट और ग्रामवंडी सेवाएं शामिल हैं। योजना के शुरुआत से पहले बसों पर स्टिकर लगाए गए हैं ताकि यात्रियों को इन सेवाओं की पहचान करने में मदद मिले।
महिलाओं के प्रति सरकार का समर्पण
सीएम सतीशन ने कहा कि यह स्कीम केवल एक सेवा नहीं, बल्कि एक सोच है जो लंबे समय तक महिलाओं को सामाजिक-आर्थिक लाभ देने के लिए कार्य करेगी। उन्होंने कहा, “महिलाएं अब गर्व से कह सकती हैं कि ये उनकी सरकार की बसें हैं।” यह पहल केरल के लिए गर्व का क्षण है और महिलाओं के प्रति सरकार की दरियादिली का प्रतीक है।
प्राइवेट बस ऑपरेटरों के लिए आश्वासन
मुख्यमंत्री ने प्राइवेट बस ऑपरेटरों को भी आश्वस्त किया कि उन्हें इस योजना से कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा, “नई स्कीम लागू होने के बाद किसी भी नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार कदम उठाएगी।” यह उनकी सरकार का वादा है कि वे सभी नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करेंगे।
योजना से जुड़ी मुख्य बातें-पात्रता मानदंड
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कोई आयु सीमा या आय सीमा तय नहीं की गई है। इसके साथ ही, यह सुविधा केरल के बाहर से आने वाली गैर-निवासी महिलाओं के लिए भी लागू है। पहले चरण में मुफ्त यात्रा की यह सुविधा केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की 3,125 सामान्य (Ordinary) श्रेणी की बसों में दी जा रही है। फास्ट पैसेंजर, सुपरफास्ट या एसी (AC) बसों को फिलहाल इससे बाहर रखा गया है।
पहचान और टिकट
यात्रा के लिए किसी विशेष आईडी कार्ड या रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है। यात्रियों को बस कंडक्टर से एक ‘शून्य किराया’ (Zero-fare) टिकट लेना होगा, ताकि सरकार वित्तीय आंकड़े जुटा सके। योजना के तहत चलने वाली पात्र बसों पर ‘प्रियदर्शिनी’ के विशेष स्टिकर लगाए गए हैं ताकि उन्हें आसानी से पहचाना जा सके। इस योजना से राज्य सरकार पर सालाना लगभग ₹750 से ₹800 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है, जिसकी पूरी भरपाई सरकार सीधे KSRTC को करेगी।
राज्य सरकार का वित्तीय योगदान
कहा गया है कि इस योजना की वित्तीय सहायता के लिए राज्य सरकार KSRTC को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इस स्कीम के तहत खर्च का अनुमान ₹2 करोड़ प्रति दिन है। जैसा कि योजना शुरू होगी, वास्तविक डेटा के आधार पर इसके वित्तीय बोझ का आकलन किया जाएगा।
आर्थिक बढ़ावा देने का प्रयास
सरकार ने इसे केवल कल्याणकारी उपाय के रूप में नहीं, बल्कि आर्थिक बढ़ावा देने वाले कदम के रूप में देखा है। अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से महिलाओं के यात्रा खर्च में 15 से 25 प्रतिशत तक की कमी आएगी, जिससे उनकी आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है। इस योजना का सबसे अधिक लाभ दक्षिणी केरलम, खासकर तिरुवनंतपुरम की महिलाओं को होने की उम्मीद है।
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