CJP फाउंडर अभिजीत दिपके पर हुआ स्याही हमला, पुलिस ने आरोपी महिला को किया गिरफ्तार

The CSR Journal Magazine
दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी। इस घटना से वहां मौजूद समर्थकों में हड़कंप मच गया। महिला को पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया है। फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला कौन है और उसने ऐसा क्यों किया। यह घटना तब हुई, जब अभिजीत दिपके एक बड़े प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। उनके समर्थक मंच की ओर दौड़ पड़े, जिससे कार्यक्रम में रुकावट आ गई।

क्या था पहले का घटनाक्रम?

यह घटना उस समय हुई जब प्रसिद्ध कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। वांगचुक लंबे समय से NEET परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। उन्हें संसद तक प्रस्तावित मार्च से 48 घंटे पहले मंच से हटा दिया गया। यह मार्च मौजूदा मॉनसून सत्र के पहले दिन होने वाला था, जिससे प्रदर्शनकारियों में खासा जोश था।

वांगचुक की हालत गंभीर

दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है। उनकी तबीयत भूख हड़ताल के दौरान बिगड़ गई थी। सुबह-सुबह पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान कुछ समर्थक विरोध करने पहुंचे, जिससे थोड़ी अफरा-तफरी मच गई। वांगचुक 28 जून से NEET परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार, उपवास के दौरान उनका वजन लगभग 9.5 किलोग्राम कम हो गया था।

पत्नी का बयान

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने कहा कि हाई कोर्ट का आदेश केवल यह था कि किसी व्यक्ति की सेहत सबसे महत्वपूर्ण है और उसकी नियमित निगरानी की जानी चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अस्पताल में भर्ती होने का कोई आदेश नहीं था, इसलिए इस कार्रवाई को सही नहीं ठहराया जा सकता। वर्तमान में उनका इलाज चल नहीं रहा है, और यह परिस्थिति चिंता का विषय है।

घटना पर बढ़ रही प्रतिक्रियाएँ

अभिजीत दिपके पर स्याही फेंकने की घटना ने एक बार फिर से दिल्ली में राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। इस हमले के पीछे महिला के कारणों की पहचान अभी बाकी है, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की हरकतें लोकतंत्र में असहमति और विरोध के प्रति एक अलग दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।

पुलिस कार्रवाई पर सवाल

इस घटना के बाद से पुलिस की कार्रवाई पर भी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला मान रहे हैं, जबकि दूसरों का कहना है कि यह सख्त कदम उठाने का समय है। दिल्ली पुलिस इस मामले की समुचित जांच कर रही है। क्या यह घटना भविष्य में राजनीतिक और सामाजिक गतिशीलता को प्रभावित करेगी, यह देखना बाकी है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos