‘फ्लोरिस स्टे’ आग हादसा: रसोइए को बनाया जा रहा बलि का बकरा? उठे सवाल

The CSR Journal Magazine
दिल्ली में मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिस स्टे’ होटल में 3 जून को लगी आग ने 23 लोगों की जान ले ली, जिसमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इस हादसे के बाद दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि रसूखदार होटल मालिकों और अधिकारियों को बचाने के लिए 65 वर्षीय रसोइए केशव सिंह नेगी को ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है। यह मामला अब सिविल सोसायटी और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

होटल की सुरक्षा में हुई अनदेखी

हैदराबाद के अग्रवाल परिवार के 8 सदस्यों के अलावा, नाइजीरिया, किर्गिस्तान, मोजाम्बिक समेत कई देशों के 15 विदेशी नागरिकों की जान इस आग में गई। ऐसे में सवाल उठता है कि इस होटल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की गई थी। रसोइए केशव पर पुलिस ने 5 गंभीर आपराधिक धाराएं लगाई हैं। पुलिस का कहना है कि जब आग लगी, तब केशव दरवाजा और बिजली का स्विच बंद कर भाग गया था। यह आरोप आम जनता में आक्रोश पैदा कर रहा है।

एल्टीमेटम: जिम्मेदार कौन?

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस घटना में मुख्य जिम्मेदारी होटल प्रबंधन और मालिकों की है, न कि एक कर्मचारी की। एमसीडी की पूर्व चेयरमैन रेणुका गुप्ता ने कहा कि अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जो अनैतिक है। उन्होंने इस हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या के लिए कार्रवाई की मांग की है। मार्च में होटल का लाइसेंस खत्म होने के बावजूद होटल का संचालन जारी रहना चिंता का विषय है।

फॉर्म सी की अनदेखी और पुलिस की भूमिका

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्हें कहना है कि हर होटल को विदेशी नागरिकों का रिकॉर्ड रखना होता है। पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि कोई संदिग्ध ना हो। इस मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल जीरो किया जा रहा है।

केशव का बचाव, क्या है सत्य?

केशव नेगी की गिरफ्तारी को न्याय संगत नहीं माना जा रहा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने आग लगने पर बिजली कट करने का कदम उठाया था, जिससे संभावित बड़े हादसे को टाला गया। उनके समर्थन में कई लोग खड़े हो गए हैं, जो कहते हैं कि उन्होंने फायर फाइटिंग के नियमों का पालन किया। स्थानीय एसडीएम भी मानते हैं कि समय पर बिजली बंद करने से बड़ा हादसा टल गया।

राजनीतिक पार्टियां एकजुट, न्याय की मांग

उत्तराखंड भाजपा और कांग्रेस दोनों इस मामले में एकजुट हैं। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि केशव नेगी को बली का बकरा बनाया जा रहा है। यह दर्शाता है कि राजनीतिक दल भी इस घटना को लेकर चिंतित हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। दोनों पार्टियों का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और असली दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए।

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