केंद्र और असम-नागालैंड के बीच ऐतिहासिक ऊर्जा समझौता

The CSR Journal Magazine
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि मोदी सरकार ने पिछले चार सालों में पूर्वोत्तर के विकास को प्राथमिकता दी है। 2019 से अब तक 12 शांति समझौतों के माध्यम से क्षेत्र में हिंसा में लगभग 80 प्रतिशत की कमी आई है। हाल ही में केंद्र, असम और नागालैंड सरकार के बीच खनिज तेल संचालन को आसान बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो भी मौजूद थे।

ऊर्जा का नया गलियारा

इस ऐतिहासिक समझौते के दौरान अमित शाह ने बताया कि यह ऊर्जा, निवेश और समृद्धि का नया आर्थिक गलियारा खोलेगा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समृद्ध और आत्मनिर्भर पूर्वोत्तर के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि नागालैंड में मौजूद तेल और गैस के विशाल भंडार देश की विदेशी निर्भरता को कम करने में मदद कर सकते हैं।

तेल उत्पादन क्षमता में वृद्धि

अमित शाह ने बताया कि वर्तमान में नागालैंड में प्रतिदिन 1,000 से 1,500 बैरल तेल का उत्पादन होता है और इसे 10 गुना से अधिक बढ़ाने की संभावना है। नागालैंड सरकार ने केवल छह क्षेत्रों तक सीमित रहने के बजाय पूरे राज्य में तेल अन्वेषण की अनुमति देने पर सहमति दी है। असम सरकार ने भी इस पहल का समर्थन किया है, जो सभी पक्षों के लिए लाभकारी साबित होगा।

सहकारी संघवाद का उदाहरण

गृह मंत्री ने समझौते को सहकारी संघवाद का बेहतरीन उदाहरण बताया। दोनों राज्यों के बीच यह सहयोग राष्ट्रीय संपदा के उपयोग को सुरक्षित करेगा, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी। इससे राज्यों के बीच विश्वास और सौहार्द भी बढ़ेगा।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले चार वर्षों में पूर्वोत्तर के विकास को प्राथमिकता दी है। क्षेत्र में 12 शांति समझौतों के माध्यम से अस्थिरता कम हुई है। इसके परिणामस्वरूप पूर्वोत्तर अब पर्यटन, निवेश और उद्योग के लिए एक नवीन केंद्र बनकर उभरा है।

AFSPA में कमी का सकारात्मक असर

गृह मंत्री ने बताया कि पूर्वोत्तर के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से से Armed Forces Special Powers Act (AFSPA) हटा दिया गया है। अमित शाह ने विश्वास जताया कि अगले वर्ष तक कई राज्यों को AFSPA से मुक्त कर दिया जाएगा, जिससे वहां के नागरिकों के जीवन में सुधार होगा।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर

अमित शाह ने बताया कि यह समझौता भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उम्मीद जताई कि सीमा विवादों और अन्य मुद्दों के समाधान के साथ पूर्वोत्तर का भविष्य और अधिक मजबूत होगा। यह त्रिपक्षीय समझौता तेल और गैस के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने और नई संभावनाएं खोलने में सहायता करेगा।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos