अभिषेक बनर्जी को हाईकोर्ट से फर्जी-साइन केस में बड़ी राहत

The CSR Journal Magazine
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को फेक सिग्नेचर मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी को राहत प्रदान की है। कोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह तक किसी भी कार्रवाई से मुक्त रखा है, लेकिन इस दौरान जांच में सहयोग करने का निर्देश भी दिया गया। इसके बाद, अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार शाम को CID हेडक्वार्टर भवानि भवन का दौरा किया। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि CID को भविष्य में किसी भी पूछताछ के लिए 24 घंटे पहले नोटिस देना होगा।

विपक्ष का नेता बनने का विवाद

कलकत्ता हाईकोर्ट में नेता विपक्ष की नियुक्ति को लेकर सुनवाई भी हुई। TMC और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने विधानसभा स्पीकर द्वारा ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को नेता प्रतिपक्ष और चीफ व्हिप मान्यता देने के निर्णय को चुनौती दी है। TMC ने कहा है कि पहले से ही शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया गया था। इसलिए स्पीकर को पार्टी के इस निर्णय का सम्मान करना चाहिए था।

संविधान के खिलाफ स्पीकर का फैसला

याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने कोर्ट में दलील दी कि नेता प्रतिपक्ष चुनने का अधिकार राजनीतिक दल का होता है, न कि विधायक दल का। उन्होंने आगे कहा कि स्पीकर का निर्णय संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ है। कल्याण बनर्जी ने यह भी स्पष्ट किया कि ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है, इस कारण उनका समूह अलग विधायक दल नहीं माना जा सकता।

अगली सुनवाई कब होगी?

हालांकि हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया है, इस मामले की अगली सुनवाई 16 जून को निर्धारित की गई है। विधानसभा का सत्र 18 जून से शुरू होने वाला है। यह पूरा मामला TMC की 6 मई की बैठक में पारित एक प्रस्ताव से जुड़ा है, जिसमें शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था।

फर्जी सिग्नेचर का विवाद

इससे पहले, पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने आरोप लगाया था कि उनके फर्जी सिग्नेचर के साथ ही प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। इन आरोपों के आधार पर कोलकाता पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया। मामला बाद में CID को सौंप दिया गया। CID जांच में सिग्नेचर की फॉरेंसिक जांच के लिए मूल दस्तावेजों की आवश्यकता महसूस कर रही है।

क्या TMC में बढ़ रहा असंतोष?

इस बीच, TMC के दो विधायकों को फर्जी सिग्नेचर की शिकायत करने पर पार्टी से निकाला गया। ममता बनर्जी ने संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी से निष्कासित करने का निर्णय लिया था। इन दोनों ने स्पीकर से शिकायत की थी कि उनके फर्जी सिग्नेचर का इस्तेमाल कर प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद 3 मई को पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन किया और उन्हें नेता विपक्ष बनने का मान्यता मिल गई।

राज्यसभा में TMC के सांसदों की इस्तीफे की झड़ी

राज्यसभा में भी TMC के चार सांसदों ने इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम में प्रकाश चिक बराइक और कोयल मल्लिक ने गुरुवार को अपनी इस्तीफ

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