E20 पेट्रोल पर छिड़ी रार, कल जनता के बीच जाएंगे केजरीवाल

The CSR Journal Magazine
देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कल पेट्रोल पंप और सर्विस सेंटर पर जनता के बीच जाएंगे। उनकी यह मुलाकात E20 पेट्रोल पर जनता का राय जानने के उद्देश्य से की जा रही है। केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि उन्होंने वाहन निर्माताओं को चिट्ठी लिखी है कि क्या उनके पुराने वाहनों में E20 ईंधन का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह जानना जरूरी है कि इससे किसी तरह का नुकसान तो नहीं होगा।

कंपनियों को लिखी गई चिट्ठी

केजरीवाल ने 29 कंपनियों को चिट्ठी लिखी है, जिसमें से तीन बड़ी कंपनियाँ मारूति, टॉयोटा और हीरो शामिल हैं। ये कंपनियाँ पहले ही सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कह चुकी हैं कि E20 के इस्तेमाल से केवल 3-4 प्रतिशत माइलेज का नुकसान होता है। केजरीवाल ने इनसे प्रश्न किया है कि यदि किसी ग्राहक की माइलेज 10-15 प्रतिशत कम हो जाती है या इंजन को नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा? अन्य 26 कंपनियों से भी इसी तरह के सवाल पूछे गए हैं।

E20 पेट्रोल का विवाद

E20 फ्यूल पर बात करते हुए, कई लोग शिकायत कर रहे हैं कि इसे भरने के बाद उनकी गाड़ी की माइलेज 2-6 प्रतिशत तक घट गई है। इसका मतलब यह है कि अब एक लीटर पेट्रोल पहले जितना चल नहीं रहा। E20 में ज्यादा एथनॉल होने के कारण रबर के पार्ट्स को नुकसान पहुँचने की संभावना है। ARAI की एक रिपोर्ट में इस बात की ओर इशारा किया गया है, हालांकि यह रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

सरकार का स्टैंड

इस बीच, सरकार का कहना है कि अब तक किसी गाड़ी में E20 पेट्रोल के कारण गंभीर समस्या का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कुछ गलत अफवाहों का उल्लेख किया और कहा कि एथनॉल मिश्रित ईंधन के कारण किसी भी कार में कोई समस्या उत्पन्न नहीं हुई है। यह स्थिति सरकार के लिए राहत की बात है, लेकिन विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा।

जनता का क्या है कहना?

E20 पेट्रोल पर जनता की राय जानना न केवल केजरीवाल के लिए बल्कि उन कंपनियों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिनके वाहन E20 के लिए उचित रूप से अनुकूल नहीं बन पाए हैं। कल की मुलाकात के दौरान, जनता अपने अनुभव साझा कर सकेगी, जो कि इस मुद्दे को और भी स्पष्टता प्रदान कर सकता है। इस बैठक का मकसद यह है कि जनता को सही जानकारी दी जाए और उन्हें यह विश्वास दिलाया जाए कि उनका हित सर्वोपरि है।

क्या होगा आगे?

केजरीवाल की पहल के बाद यह देखना रोचक होगा कि कंपनियाँ किस तरह का उत्तर देती हैं और E20 पेट्रोल के उपयोग के मामले में पूरी स्थिति कैसे विकसित होती है। इस मुद्दे पर जनता का जोश और प्रतिक्रिया भी कंपनी और सरकार के दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकती है। E20 को लेकर चल रही यह रार, वास्तव में, भारत में इंधन के भविष्य की दिशा को तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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